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काशी में यूरोप का साहित्य: कविता और कहानियों से जीवन के उतार-चढ़ाव को दर्शाया

Wed, 25 Sep 2019 02:08 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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लांग नाइट लिट्रेचर्स में अंतरराष्ट्रीय साहित्य पर मंथन - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में एलिस बोनर इंस्टीट्यूट की ओर से मंगलवार को कराए गए साहित्यिक कार्यक्रम लांग नाइट लिट्रेचर्स में विदेशी लेखकों की जुटान रही। फ्रांस, हंगरी, स्विटजरलैंड और आयरलैंड से आए लेखकों ने देर रात तक चले इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय साहित्य पर मंथन किया। इसके माध्यम से साहित्य को नया आयाम देने का प्रयास किया गया है।

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काशी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों की मौजूदगी में होने वाला यह पहला आयोजन माना जा रहा है। पिछले कई दिनों से इसकी तैयारियां भी जोर शोर से चल रही थी। मंगलवार रात करीब आठ बजे से शुरू होकर देर रात तक चले इस आयोजन में हंगरी, आयरलैंड और स्विटजरलैंड से आए कवियों और लेखकों ने काव्यपाठ में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

अपनी कविताओं के माध्यम से इन कवियों ने मानवीय संवेदनाओं के साथ ही साहित्य के वैश्विक परिदृश्य की चर्चा की।

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इस दौरान हंगरी से आई लेखक जे हिडास ने अपनी कविता में महिला के जीवन और उसके पारिवारिक रिश्तों और इसके मद्देनजर जीवन के उतार-चढ़ाव को दर्शाया। आयरलैंड की कवि अफ्रीक औदा ने अपनी कविता में आयरलैंड के पौराणिक ता के साथ वहां प्रेम का भाव दिखाया। 
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