सनबीम स्कूल वरुणा में शनिवार को राष्ट्रीय प्रगतिशील स्कूल सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के विद्यालयों के 300 निदेशकों व प्रधानाचार्यों ने हिस्सा लिया। वेद से ब्रह्मांड के परे थीम पर आयोजित सम्मेलन में वर्तमान में चल रही शिक्षा प्रणाली के साथ प्राचीन काल के ग्रंथ, वेद, उपनिषद को जोड़ कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि इस सम्मेलन से शिक्षा के क्षेत्र में अहम बदलाव आएगा। जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। सम्मेलन में तीन सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए अलग-अलग योजना बनाई गई। पहले सत्र में पंचादि के तहत लेसन प्लान तैयार किया गया। सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने कहा कि उपनिषदों में दिए गए श्लोकों का शिक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान है। नई शिक्षा नीति में इनका प्रयोग किया गया है। दूसरा सत्र प्रमाण जानने का तरीका रहा। इसमें अर्ली चाइल्ड एसोसिएशन एवं पोद्दार शैक्षिक नेटवर्क की अध्यक्ष डॉ. स्वाति पोपट वत्य ने अपने विचार रखे। इस दौरान ब्रह्मास्त्र आधारित शिक्षा पर चर्चा हुई। ब्रिगेडियर राजीव नाग्याल, वायु सेना कमांडर अंजू गुप्ता और लता वैद्यानाथन ने भी अपने विचार रखे। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बनारसी कलाओं के बारे में बताया। इस दौरान भारती मधोक, डॉ. अशोक पांडेय, मालिनी नारायणन, आनंद कृष्णस्वामी, डॉ. अरुणाभ सिंह आदि मौजूद रहे।