इसी वजह से शासन स्तर से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से बीपी-शुगर के मरीजों को इलाज के दौरान उन्हें एक महीने की दवा देने का निर्देश जारी किया है, जिससे कि ऐसे लोगों को अस्पतालों का चक्कर न लगाना पड़े। अब तक अस्पतालों-स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच से दस दिन की दवाइयां मिलती थीं और फिर इन मरीजों को दवा लेने अस्पताल आना पड़ता है।
पहले से बीपी, शुगर आदि बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए अलग से ओपीडी भी चलाई जा रही है। सेहत की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी गठित कर दी गई है। एक महीने की दवा दिए जाने के शासन के निर्देश का पालन कराया जा रहा है। - डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ