दो बच्चों की मौत पर पूरे गांव में मातम पसरा रहा हर कोई गमगीन रहा। गांव के राजभर बस्ती में किसी घर में चूल्हा नहीं जला। मनीष की मां बबली देवी कह रही थी कि बच्ची कहीं से आवत रहल त हमही से बतियावत रहल, अब काहे नाही बोलत हाव हो...यही कह कर बेसुध हो जा रही थी। वहीं मृतक शुभम की मां राधिका काहे छोड़ गयल लाल, हमार खा के गयल रहलन खेले कहा हेरा गइलन....यह करुण क्रंदन सुनकर हर किसी की आंखें डबडबा गईं। थाना प्रभारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रकरण में परिजनों से बातचीत की जा रही है।