राजभर ने कहा कि जब यूपी में कांग्रेस, सपा या बसपा की समर्थित सरकारें थीं, तब बड़े पैमाने पर दंगे और कर्फ्यू लगते थे। अब मोदी और योगी के शासन में इस पर विराम लग चुका है। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि ईडी और सीबीआई स्वतंत्र एजेंसियां हैं और सरकार इनकी कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करती। जब शिकायत मिलती है, एजेंसियां कानून के तहत काम करती हैं।
सांसद निशिकांत दुबे द्वारा राष्ट्रभाषा को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि यह गलत और अनर्गल बयान है। देश संविधान से चलता है, जिसमें सभी धर्मों, जातियों को पूजा-पाठ और जीवन जीने का अधिकार मिला है। हिंदी देश की राष्ट्रभाषा है, यह बात संविधान ने पहले ही तय कर दी है। राज ठाकरे के उत्तर भारतीयों पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि जिस दिन उत्तर भारतीय और बिहारी महाराष्ट्र छोड़ देंगे, उस दिन वहां दाना नसीब नहीं होगा। वहां की अधिकांश सेवाएं उत्तर भारतीय संभाल रहे हैं।
राजभर ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि हर त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए। मुख्यमंत्री संविधान के अनुसार कार्य कर रहे हैं। धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के आरोपों से घिरे छांगुर बाबा पर तीखा हमला करते हुए राजभर ने कहा कि छांगुर बाबा देश के लिए कैंसर हैं। ये लोग विदेशी धन का भारत में गलत इस्तेमाल करते हैं और पहले सपा व कांग्रेस से संरक्षण पाते थे। अब कानून अपना काम कर रहा है और ऐसे लोगों को आजीवन जेल में रहना चाहिए।
चीन द्वारा आतंकवाद पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि आतंकवाद को पूरी दुनिया में विरोध मिलना चाहिए। पाकिस्तान जैसे देश जो आतंक को संरक्षण देते हैं, भारत ने उन्हें करारा जवाब दिया है। भारत की सेना ने 100 किलोमीटर अंदर घुसकर ध्वस्त किया और पूरी दुनिया उसकी सराहना कर रही है।