वाराणसी में हीटिंग के चलते हरिश्चंद्र घाट स्थित गैस शवदाह गृह की दो मशीनें खराब हो गई हैं। इसके चलते कोरोना के शवों को अब लकड़ियों पर जलाना पड़ रहा है। नगर निगम ने लकड़ियों पर शव जलाने की व्यवस्था कराई है। शाम तक कुल 8 कोरोना के शव मशीन से जलाए गए थे। इसके बाद से मशीन खराब होकर बंद गई।
शवदाह गृह के प्रभारी अधिशासी अभियंता अजयराम ने बताया कि एक मशीन में लगा ब्लोअर का पंखा पिघल गया है। पूरी चिमनी खोलनी पड़ेगी। इसे ठीक करने में कम से कम 3 दिन का समय लगेगा। इसके अलावा दूसरी मशीन का गेट हीटिंग के चलते ब्लॉक हो गया है। इसे ठंडा कर चालू करने में सुबह हो जाएगी। फिलहाल हरिश्चंद्र घाट पर ही लकड़ियों से कोरोना का शव को जलाने का प्रबंध किया गया।
इसके लिए पहले से ही रेट निर्धारित किया गया था। 7000 रुपये में कोरोना के शव 5000 रुपये में सामान्य शव जलाने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा कोरोना के शवों को जलाने के लिए नगर निगम ने सामनेघाट स्थित विश्वसुन्दरीपुल के पास वैकल्पिक व्यवस्था की है । इसके लिए नगर निगम द्वारा बैरिकैंडिंग, साफसफाई कराकर एक काउन्टर शुरू किया गया है। जहां कोरोना के शवों की अंत्येष्टि की जा रही है । इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए चला नगर निगम ने जागरूकता अभियान चलाया।