पुलिस आयुक्त के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि मोनू 2017 में खुद के अपहरण की साजिश रच था और पड़ोसी पर मुकदमा दर्ज हुआ था। कैंट पुलिस ने मोनू को उस समय बिहार से बरामद किया था।
पुलिस आयुक्त के अनुसार मोनू चौहान बेहद ही शातिर किस्म का है। यह पूर्व में छह से सात माह तक जेल में बंद रहा। उसी दौरान कानूनी दांवपेंच को बहुत ही अच्छे तरीके से सीख गया है।