हादसा इतना भीषण था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर चालक ने ट्रक नही रोका। जिसका पीछा कर लोगो ने ट्रक पकड़ा। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को कब्जे में लेने के साथ चालक को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग गोपीगंज कोतवाली पहुंच गए और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हादसे की सूचना पर नगर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश गुप्ता भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और जिला प्रशासन से परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि विवान दो भाइयों में छोटा था।
नो-एंट्री के बावजूद नगर में कैसे पहुंचा बॉयलर ट्रक?
हादसे के बाद नगर में नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक गोपीगंज नगर में सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री रहती है। इसके बावजूद बॉयलर ट्रक मिर्जापुर तिराहे से होकर मिर्जापुर की ओर जा रहा था। हादसे के बाद लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर नो-एंट्री के समय यह ट्रक नगर के भीतर कैसे पहुंचा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ट्रक नो-एंट्री के दौरान नगर में कैसे दाखिल हुआ और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी है।
बच्चे के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक चालक व वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। नो इंट्री के बाद भी वाहन चालक कैसे शहर में प्रवेश किया। इसको लेकर भी कार्रवाई की जाएगी। - सच्चिदानंद पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, गोपीगंज।