प्रमोद माझी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों का कहना है कि 25 सितंबर को निरीक्षण किया जाएगा और उसके बाद आदेश जारी होगा, लेकिन इस तरह समय निकालकर नाविक समाज के साथ अन्याय किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर क्रूज का संचालन लगातार जारी है और उसमें किसी भी तरह की बाधा नहीं डाली जा रही है।
नाविक समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे कार्तिक पूर्णिमा पर नाव संचालन पूरी तरह बंद कर आंदोलन को और आक्रामक रूप देंगे। इसके साथ ही उन्होंने क्रूज संचालन का घेराव करने की भी घोषणा की। इस विरोध प्रदर्शन में रामनगर से लेकर नमो घाट तक के सैकड़ों नाविक शामिल हुए और सभी ने एक स्वर में प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।