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वाराणसी में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज की मौत, अब तक कुल 33 केस, बीएचयू में फंगल स्टडी ग्रुप का गठन

Fri, 21 May 2021 01:28 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

वाराणसी में ब्लैक फंगस के 33 मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें से 3 मरीजों का सफल ऑपरेशन हो चुका है, जबकि ब्लैक फंगस के कारण एक महिला अब तक मौत हो चुकी है। गुरुवार को एक  ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज की मौत हुई है। 
 
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं।  बीएचयू के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भर्ती ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज की बृहस्पतिवार को मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण के साथ ही पिछले दिनों ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने पर उसकी जांच कराई गई थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। इससे पहले भी एक ब्लैक फंगस की मरीज की जान जा चुकी है।

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बीएचयू समेत निजी अस्पतालों को मिलाकर अब तक ब्लैक फंगस के  करीब 33 मामले सामने आ चुके हैं। बीएचयू में सम्पर्क करने वाले 30 में से 10 मरीजों में आंशिक लक्षण होने की वजह से वह  परामर्श लेकर ही चले गए जबकि पिछले दिनों  बीएचयू में 4 मरीजों का ऑपरेशन भी हो चुका है। इसमें से एक महिला की पिछले सप्ताह मौत हो चुकी है जबकि बाकी तीन का इलाज चल रहा है।

इधर सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में कोरोना संक्रमित 19 मरीजो में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को बीएचयू में ब्लैक फंगस से ग्रसित एक महिला के मौत की चर्चाएं भी तेज रही। बाद में पता चला कि 74 वर्ष के एक बुजुर्ग की मौत सुबह 8:30 बजे हुई जो ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज के रूप में कोविड वार्ड में भर्ती थे।

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बीएचयू अस्पताल के डिप्टी एमएस प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि 19 मई को 74 वर्षीय मरीज को रात में 11 बजे भर्ती कराया गया था। उसका कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस का भी इलाज किया जा रहा था। उसकी रिपोर्ट भी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में  अब भी 19 मरीज ऐसे हैं जो कोरोना संक्रमित है और ब्लैक फंगस के भी लक्षण हैं। ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज के रूप में सभी का इलाज किया जा रहा है।  बीएचयू के ईएनटी डिपार्टमेंट में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले दो और मरीज बृहस्पतिवार को डॉक्टर को दिखाने पहुंचे।

यहां डाक्टर एसके अग्रवाल ने कोरोना जांच कराने की सलाद दी। डाक्टर अग्रवाल ने बताया कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीजों के ब्लैक फंगस के लक्षणों की पुष्टि के लिए जरूरी जांच कराई जाएगी उसके बाद ऑपरेशन का फैसला लिया जाएगा। बताया कि पहले से भर्ती तीन और मरीजो का जल्द ऑपरेशन किया जाएगा। संभावना है कि शुक्रवार को ऑपरेशन किये जायें।

बीएचयू में ब्लैक फंगस के मरीजों के की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब 19 सदस्यीय फंगल स्टडी ग्रुप का गठन किया गया है। प्रोफ़ेसर जया चक्रवर्ती को इस ग्रुप का चेयरमैन बनाया गया हैं। एमएस ने बताया कि ग्रुप के सदस्यों को ब्लैक फंगस के साथ-साथ अन्य फंगल इंफेक्शन वाले मरीजों के इलाज के साथ ही डाटा कलेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है।

ब्लैक फंगस के मरीजों को लग गया 40 इंजेक्शन

 बीएचयू में ब्लैक फंगस के भर्ती मरीजो को दो दिन में ही  शासन की ओर से मिलने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की 40 डोज लगाई जाएगी। बुधवार को ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएचयू अस्पताल के एमएस को 100 वायल इंजेक्शन दिए थे उसमें से 40 वायल मरीजों को लगाया जा चुका है। आने वाले दिनों में जरूरत के हिसाब से मरीजों को और भी इंजेक्शन दिए जाएंगे।

बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस भी के भी संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। लेकिन अभी उनकी रिपोर्ट नहीं आ पाई है। इसके अलावा 6-7 ब्लैक फंगस वाले मरीजों का इलाज अन्य वार्डो में चल रहा है। बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिले बुधवार और बृहस्पतिवार को मिलाकर इंजेक्शन में 40 मरीजो को लगाए जा चुके हैं।
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चेस्ट वार्ड में भर्ती हो रहे ब्लैक फंगस के मरीज

बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रोफेसर के के गुप्ता के मुताबिक सर सुंदरलाल अस्पताल के पुराने चेस्ट वार्ड को पोस्ट कोविड वार्ड बनाया गया है। इसमें ब्लैक फंगस के मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। सभी मरीजों को एक जगह भर्ती कर उनका बेहतर इलाज किया जा सके। वार्ड में मरीजों को भर्ती करने की सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। धीरे-धीरे मरीजों को भर्ती किया जा रहा है जिससे कि इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
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