वाराणसी में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीएचयू में ब्लैक फंगस के दो और मरीजों का शुक्रवार को ऑपरेशन किया गया। फिलहाल दोनों मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया है और शनिवार को उन्हें ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए बने पोस्ट कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
प्रयागराज और पीडीडीयू नगर के मूल निवासी मरीजों की नाक में फंगस अधिक था। करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने फंगस निकाल लिया। बीएचयू में अब तक छह मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं जिसमें दो की मौत हो चुकी है जबकि चार मरीजों का इलाज चल रहा है।
बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने बताया कि बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता के मार्गदर्शन में ब्लैक फंगस के मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। बताया कि जिन दो मरीजों का ऑपरेशन शुक्रवार को किया गया उनकी नाक में फंगस अधिक होने की वजह से उसे निकाला गया। दोनों मरीज फिलहाल स्वस्थ हैं और उन्हें एंटीफंगल दवाइयां भी दी जा रही हैं।
अब तक समाने आ चुके हैं 35 मामले
वाराणसी जिले में ब्लैक फंगस के अब तक 35 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें तीन मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बाकी 32 में बीएचयू सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस के 19 संदिग्ध मरीज के रूप में भर्ती हैं। छह का ऑपरेशन हो चुका है। एक नया मरीज शुक्रवार को आया। इसके अलावा छह अन्य मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
पहले से भर्ती मरीजों की सेहत में सुधार, एक नया मरीज भर्ती
ईएनटी डिपार्टमेंट के डॉ. सुशील अग्रवाल ने बताया कि इसके पहले हुए ऑपरेशन वाले भर्ती मरीजों की सेहत में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। साथ ही एक अन्य मरीज को भी शुक्रवार को भर्ती किया गया है। जरूरी जांच के बाद जल्द ही ऑपरेशन किया जाएगा।
तीन दिन में 100 इंजेक्शन लगे
बीएचयू में ब्लैक फंगस के शुक्रवार को आठ मरीजों को भर्ती किया गया। इधर, तीन दिन में ही शासन की ओर से मिलने वाले एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन की 100 डोज भी लगा दी गई। अब इंजेक्शन खत्म होने के बाद अस्पताल के एमएस ने स्वास्थ्य विभाग से 300 वायल इंजेक्शन और मांगे हैं। बताया कि जो 100 वायल इंजेक्शन मिला था, वो सभी लग गए हैं।