60-60 वर्षीय दोनों मरीजों का इलाज सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में चल रहा था। एक की किडनी खराब थी, डायबिटीज भी थी। दूसरे को मिर्गी के दौरे आ रहे थे, अन्य बीमारी भी थी। बताया कि ईएनटी डिपार्टमेंट में जिन तीन मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। तीनों को तत्काल पोस्ट कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
बीएचयू में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार रात से शनिवार तक 18 नए मामले सामने आए। अब तक 74 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 30 पोस्ट कोविड वार्ड में हैं, जबकि 23 मरीज सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती हैं। इन्हें ब्लैक फंगस के साथ कोरोना भी है। बाकी इमरजेंसी में हैं। एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है, यहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
बीएचयू में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए शासन की ओर से बीएचयू को मिलने वाले एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की 100 डोज शुक्रवार को खत्म हो गई। अस्पताल के एमएस ने स्वास्थ्य विभाग से 300 वायल इंजेक्शन और मांगे हैं। अभी इंजेक्शन का इंतजार हो रहा है। बताया कि 300 वायल इंजेक्शन मिलते ही उसे मरीजों को लगाया जाएगा।
ब्लैक फंगस की तरह ही व्हाइट फंगस में भी कोरोना संक्रमित और कोरोना को मात देने वाले दोनों ही मरीजो में ऐसे मामले भी सामने आते जा रहे हैं। अब बीएचयू अस्पताल में चेस्ट वार्ड में बने 40 बेड के पोस्ट कोविड वार्ड में ऐसे मरीजों को भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। डॉक्टरों की टीम को भी अलर्ट किया गया है। यहीं पर जांच और इलाज की सभी सुविधाएं रहेंगी।