वाराणसी। पूर्वांचल और बिहार के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य के बडे़ केंद्र बनारस में प्रवासियों की मदद से भाजपा चुनाव में तस्वीर बदलने की तैयारी कर रही है। यही कारण है कि बनारस में बसे बिहार के प्रवासियों पर पार्टी की निगाह है और उन्हें व्हाट्सअप आदि से जोड़कर संवाद शुरू कर दिया गया है। बदलते बनारस के जरिए बिहार तक यूपी में हो रहे विकास को वहां तक पहुंचाने की तैयारी है। प्रवासियों के जरिए बिहार में रहने वालों तक भाजपा अपनी बात पहुंचाएगी। माना जा रहा है कि बनारस में प्रवासी बिहार चुनाव में भाजपा के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
कोरोना काल में राजनीतिक कार्यक्रमों में लगे ब्रेक में भाजपा ने अब नई रणनीति अपनाई है। वाराणसी में लंका क्षेत्र के सामने घाट, सुसुवाहीं, नरिया, चितईपुर, भिखारीपुर, रमना के अलावा पांडेयपुर से तरना तक बिहार के लोगों ने अपना आशियाना बनाया है। अहम बात यह है कि इनमें ज्यादातर लोग मोहनिया, भभुआ, डेहरी आनसोन, सासाराम जैसे इलाके से हैं। इसका कारण है कि बनारस के करीब होने के साथ ही यह सड़क और रेल मार्ग से जुड़े हैं। यहां बसने के बाद भी अपने क्षेत्र के लोगों से उनका रोटी-बेटी का नाता जुड़ा है। ऐसे में भाजपा चुनाव से पहले इन इलाकों में सक्रिय होकर इनके जरिए बिहार चुनाव में अपने पक्ष में माहौल बनाएगी। इसके लिए पार्टी ने बूथ स्तर पर बिहार मूल के लोगों से जुड़ाव शुरू कर दिया है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पूर्वांचल में बसे बड़ी संख्या में बिहार के लोग ही पार्टी के प्रचारक होंगे। इनके जरिए इनसे जुड़े लोगों तक ना सिर्फ पाटी अपनी बात पहुंचाएगी, बल्कि इन्हीं के साथ से डिजिटल संवाद भी कायम करेगी।