यूपी के भदोही से भाजपा के विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने अपनी ही पार्टी के चेयरमैन वाली नगर पालिका परिषद पर विकास कार्यों के नाम पर अनियमितता और जनता के धन की बंदरबांट का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
मंगलवार को पकरी स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पालिका में करोड़ों रुपये के घोटाले और अधिशासी अधिकारी पूर्णिमा पर ड्यूटी से अक्सर गायब रहने का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि वह घोटाले की जांच के लिए शासन को लिखेंगे। साथ ही ईओ की उपस्थिति की जांच करेंगे।
विधायक ने कहा कि पदेन सदस्य होने के नाते मुझे मंगलवार को हुई पालिका बोर्ड की बैठक में आमंत्रित किया गया था। 11 बजे से बैठक थी। मैं 11.20 बजे पहुंचा तो बैठक समाप्त हो चुकी थी। बैठक के एजेंडे में कुल 11 प्रस्ताव थे।
यदि केवल उन्हें एक-एक कर पढ़ा जाता को दो घंटे लग जाते। इससे भ्रष्टाचार की बात प्रमाणित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की बैठकें दो से तीन घंटे तक चलती थीं। पूर्व में मुझे विलंब पहुंचने में देरी होती थी तो मेरा इंतजार किया जाता था। विकास कार्यों में लूटखसोट हो सके और बोर्ड की बैठक में सवाल जवाब न हों, इसके लिए बोर्ड की बैठक 20 मिनट में ही खत्म कर दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। मैं स्वयं साढ़े चार लाख जनता का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। एक सबमर्सिबल पंप पर मुश्किल से 4-5 लाख खर्च होते हैं, लेकिन यहां 25 लाख रुपये दिखाए जा रहे हैं। नाला सफाई के नाम पर भी लाखों रुपये की बंदरबांट की गई है।
लापरवाही का आलम यह है कि जल्लापुर में चार माह से सड़क खोद कर छोड़ दी गई है। इंटरलाकिंग की ईंटें भी उखाड़ कर बेच दी गईं हैं। विधायक ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से कह कर अब तक खर्च हुए धन की जांच कराऊंगा।