प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पिछले कुछ दिनों से भाजपाइयों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। भाजपाइयों के गुस्से से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ताजा मामला शहर के भेलूपुर और सारनाथ थाने का है।
यहां पर गांजा तस्करी के आरोप में युवक और मारपीट के आरोप में पार्षद पति की गिरफ्तारी से नाराज भाजपा पार्षदों, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भेलूपुर और सारनाथ थाने का घेराव किया। इस दौरान जमकर पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की गई।
घेराव में शामिल पार्षदों और भाजपा कार्यकर्ताओं को शांत कराने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप और जांच के आश्वासन पर किसी तरह से मामला शांत हुआ तो दोनों थानों का माहौल सामान्य हुआ।
भेलूपुर थाने के घेराव और प्रदर्शन के कारण भेलूपुर चौराहा से रामपुरा मार्ग पर आने-जाने में लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। राहगीरों का कहना था कि आखिरकार भाजपाइयों को गुस्सा क्यों आ रहा है। क्या पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर उन्हें विश्वास नहीं है।
बता दें कि इससे पहले लंका थाने की संकटमोचन पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए भाजपाइयों ने प्रदर्शन किया था। आठ नवंबर को सारनाथ के दनियालपुर में जुआ खेलते पकड़े जाने वालों की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपाइयों ने सारनाथ थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था।
यह है गांजा तस्करी और मारपीट का मामला
थाने पर हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
सुदामापुर निवासी सतीश सोनकर को भेलूपुर पुलिस ने दो किलो सौ ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। सूचना पाकर भेलूपुर थाने पर परिजन पहुंचे और हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि पुलिस ने सतीश को सत्यापन के लिए बुलाया और चौबीस घंटे बाद गांजा तस्कर बताते हुए जेल भेज दिया।
भेलूपुर पुलिस का कहना था कि सतीश आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसका नाम टॉप टेन अपराधियों में शुमार है। थोड़ी ही देर में थाने पर नगवा पार्षद रवींद्र सिंह, विनीत सिंह, अजय गुप्ता, अशोक सेठ, सौरभ पाठक और दीपक राय सहित भाजपा के कई जानेमाने चेहरे पहुंच गए।
सभी सतीश को जेल भेजने का कारण पूछने लगे और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ ही मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए थाने के सामने सड़क पर बैठ गए। सूचना पाकर सीओ भेलूपुर सत्येंद्र तिवारी थाने पहुंचे और आश्वस्त किए कि दो दिन में प्रकरण की जांच करा कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी।
लगभग चार घंटे बाद प्रदर्शन खत्म करने वाले भाजपा नेताओं ने चेताया है कि यदि दो दिन में सतीश जेल से बाहर नहीं आया तो सड़क पर उतर कर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उधर, इससे पहले सारनाथ थाने का बीजेपी पार्षद मीरा देवी ने महिलाओं के साथ घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मीरा देवी का आरोप था कि उनके पति सुरेंद्र राजभर को पुलिस ने बेवजह गिरफ्तार किया है। बंजर जमीन की नापी रविवार की रात हो रही थी। इसी दौरान संगम राम राजभर ने आकर मारपीट की। पुलिस ने मीरा देवी और उनके साथ आई महिलाओं को किसी तरह से समझाबुझाकर शांत कराया तो लगभग आधा घंटे बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।