अरुण यादव ने कहा कि मेलोडी स्पा नामक जगह से उनका कोई संबंध नहीं है। दूसरी ओर त्रिनेत्र भवन स्थित फ्लैट नंबर 112 के वह वर्ष 1999 से अकेले मालिक हैं और इसे 26 वर्षों से किराए पर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से यह फ्लैट उन्होंने अश्विनी त्रिपाठी (निवासी-चंदौली) को एग्रीमेंट के माध्यम से किराए पर दिया था।
कहा कि पुलिस ने दो स्थानों पर की गई छापेमारी में मेलोडी स्पा से 10 लोगों की गिरफ्तारी दिखाई है, जबकि उनके किरायेदार के फ्लैट से केवल तीन महिलाओं की गिरफ्तारी दर्ज है। एफआईआर में फ्लैट स्वामी या उनके नाम का कोई उल्लेख नहीं है। फिर भी सोशल मीडिया पर उनके फ्लैट से 13 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार है।