शोरगुल पर भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह मौके पर पहुंचे और बेटे राजकुमार सिंह को बचाने लगे। हमलावरों ने पशुपतिनाथ सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर चोट के कारण वह अचेत हो गए। उन्हें बीएचयू ट्राॅमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने पशुपतिनाथ सिंह को मृत घोषित कर दिया। घायल बेटे राजकुमार सिंह ने हमलावरों के नाम सिगरा पुलिस को बताए। राजकुमार सिंह के भाई रुद्रेश कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उप मुख्यमंत्री ने घर पहुंच जताया था शोक
भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या प्रदेश स्तर पर सुर्खियां बनी थीं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घटना पर दुख जताया और घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की थी। गैर राजनीतिक दलों ने भी नाराजगी जताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
गिरोह से अभी भी क्षेत्र के लोग हैं परेशान
बेटे राजकुमार सिंह ने बताया कि हत्याकांड में शामिल हमलावर एक आपराधिक प्रवृत्ति वाले युवकों के उस ग्रुप से जुड़े थे, जो सिगरा क्षेत्र में लंबे समय से दहशत फैलाने का काम कर रहे थे। इस ग्रुप के कुछ सदस्य अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। लोग इस गिरोह से परेशान हैं। बेटे रुद्रेश समेत अन्य परिजनों को शुक्रवार का इंतजार है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले, जो ऐतिहासिक हो।
कोर्ट ने इन्हें माना दोषी
विकास भारद्वाज, मंटू सरोज, राहुल सरोज, मनीष पांडेय, गणेश सरोज, अभिषेक सरोज, दिनेश पाल, अनूप सरोज, सूरज यादव, रमेश पाल, अनुज उर्फ बाबू सरोज, श्याम बाबू राजभर, विशाल राजभर, संदीप कुमार गुप्ता, सुरेश सरोज व आर्या उर्फ आकाश सरोज। इनमें संदीप कुमार गुप्ता निवासी फुलवरिया,मंडुवाडीह को छोड़कर शेष सभी 15 दोषी चंदुआ, छित्तुपुर सिगरा के रहने वाले हैं।