सातवें चरण में जिन 40 सीटों पर चुनाव हुआ है, भाजपा इनमें से 28-30 सीटें मिलने की उम्मीद कर रही है। भाजपा के रणनीतिकारों की मानें तो काशी क्षेत्र में मोदी की लहर चली है। कुछ स्थानों पर सवर्ण वोट बंटने की वजह से हार-जीत काफी मामूली अंतर से होगी।
पार्टी शहर की सीटों पर कमजोर हुई है जबकि देहात की सीटों पर काफी मजबूत हुई है। पहले के चुनावों में ये माना जाता था कि भाजपा शहरी पार्टी है। इस बार शहर की पार्टी देहात में मजबूती से लड़ी है। भाजपा का जिन पार्टियों से गठबंधन हुआ है, वहां की भी सीटें भी उसे मिलने की संभावना है।
वाराणसी में दक्षिणी, पिंडरा, सोनभद्र में दुद्धी, चंदौली में सकलडीहा, गाजीपुर में मुहम्मदाबाद, जमानिया और जौनपुर में मल्हनी व बदलापुर सीट पर भाजपा की दूसरे दलों से नेक टु नेक लड़ाई है।
कुछ सीटों पर सपा-कांग्रेस गठबंधन आगे है तो कुछ सीटों पर बसपा आगे है। वोटिंग प्रतिशत बढ़ने से पार्टी खुद का फायदा देख रही है। जिन विधानसभाओं में 60 से अधिक प्रतिशत मतदान हुआ है, वहां बढ़ा हुआ मतदान युवाओं और महिलाओं का है और इसका लाभ उन्हें ही होगा।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि तीन दिन तक काशी में रोड शो और जनसभाओं का असर पूर्वांचल की सभी सीटों और बूथों पर है। हम 95 प्रतिशत सीटें जीत रहे हैं।