भाजपा की ओर से आयोजित गुरुवारीय अड़ी की 16 वीं शृंखला में शिक्षक और काशी विषय पर लेखक व साहित्यकारों सहित अन्य वक्ताओं ने चर्चा की। लंदन से जुड़े लेखक व साहित्यकार आमिष त्रिपाठी ने कहा की जैसे वेद महादेव का आशीर्वाद है, वैसे काशी महादेव की नगरी है। यहां शिक्षण कार्य आय के लिए नहीं अपितु समाज व सभ्यता के निर्माण के लिए किया जाता है।
बीएचयू के प्रो. बीसी कापरी ने कहा कि शिक्षा बुद्धि बढ़ाने के साथ चरित्र निर्माण की प्रक्रिया है। सनबीम स्कूल के चेयरमैन दीपक मधोक ने कहा कि कोरोना काल में जिस तरह से शिक्षकों ने बच्चों को आनलाइन शिक्षा प्रदान की उसकी तारीफ होनी चाहिए। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा नई शिक्षा नीति मूल्य आधारित है जिसमें छात्रों को देश की संस्कृति और सभ्यता से जोड़ने का काम होगा। काशी विद्यापीठ के प्रो. कृष्ण कुमार सिंह और डॉ. राम सुधार सिंह ने शिक्षक की भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम के शुरुआत में पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने प्राचार्य डा. नंदिता शास्त्री के नेतृत्व में मंत्रोच्चार किया। इस दौरान धर्मेंद्र सिंह, डॉ. सुनील मिश्र, डॉ. विमल लहरी, डॉ. संध्या ओझा सहित अन्य लोग जुड़े रहे।