रवि किशन और दिनेश लाल यादव 'निरहुआ'
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आजमगढ़ से रमाकांत यादव को फिर मैदान में उतारने की बजाय उनकी ही जाति के भोजपुरी फिल्म स्टार 'निरहुआ' पर दांव लगाकर भाजपा ने अलग संदेश दिया है। सपा उम्मीदवार अखिलेश यादव के खिलाफ उनके पिता मुलायम सिंह के गढ़ में भाजपा की चुनावी लड़ाई अलग मोड़ देने की कोशिश भी है।
जौनपुर के मूल निवासी भोजपुरी फिल्म जगत में स्टारडम शुरू करने वाले रवि किशन को गोरखपुर से उम्मीदवार बनाकर बता दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ रहीं हेमामालिनी और जयाप्रदा के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोक संस्कृतियों से जुडे़ कलाकारों से उसका गहरा रिश्ता है।
यही नहीं, पाला बदलने वालों को तरजीह देते हुए पार्टी ने रमेश बिंद को भदोही से उम्मीदवार बना दिया। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा से निष्कासित रमेश बिंद के मुकाबले पार्टी ने अलग छवि के निर्दलीय विधायक विजय मिश्र की दावेदारी को नजरअंदाज कर दिया।
बिंद की पत्नी समु्द्रा बिंद 2014 में मिर्जापुर संसदीय सीट से दूसरे स्थान पर रही थीं। दूसरी ओर जौनपुर सीट पर कांग्रेस द्वारा ब्राह्मण और सपा-बसपा गठबंधन के यादव उम्मीदवार के जवाब में भाजपा के पास केपी सिंह को दोहराने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हालांकि पार्टी ने इस तरह से यहां से निषाद पार्टी की टिकट पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह को चुनाव लड़ाने की योजना पर विराम लगा दिया।