उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे पर अकीदत पेश की
सिगरा फातमान स्थित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की 110वीं की जयंती पर शनिवार को लोगों ने अकीदत पेश की। बिस्मिल्लाह खां फाउंडेशन की ओर से उनके मकबरे पर गुलपोशी के बाद दुआख्वानी की गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके बेटे शांतनु राय को छोड़कर शहर का कोई भी जनप्रतिनिधि-अधिकारी उनके मकबरे पर नहीं पहुंचे। इस दौरान संयोजक शकील अहमद जादूगर, हादी हसन, साइन फातिमा, कहकशा फातिमा, मिनाज फातिमा, जरीना फातिमा, विनय चौरसिया, अददार हुसैन, फरीदा अब्बास, प्रमोद वर्मा, फिरोज हुसैन, नजमुल हसन, विश्वनाथ सिंह, किशन यादव मौजूद रहे।
पांच साल की उम्र में बनारस आए थे उस्ताद : संयोजक शकील अहमद के अनुसार, 21 मार्च 1916 को बिहार के डुमरांव में उस्ताद का जन्म हुआ था। उस्ताद पांच साल की उम्र में ही काशी आ गए थे। बताया कि बिस्मिल्लाह खां गिल्ली डंडा खेलने में भी माहिर थे। डुमरांव के रियासत के राजा ने उनके पिता पैगंबर बख्श को उस्ताद को बनारस भेजने की सलाह दी थी। उस्ताद ने अपने पिता की ससुराल में शहनाई वादन का प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने पहले स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर शहनाई बजाई थी।