बिहार की एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार की रात आरा जिले के पीरो थाना क्षेत्र में रंगदारी और हत्या के लिए कुख्यात इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ हीरो को मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान छावनी क्षेत्र के जेएचवी मॉल शूटआउट में वांछित 50 हजार के इनामी आरा के नारायणपुर निवासी कुंदन सेठ और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया गया।
कुंदन जेएचवी शूटआउट के बाद हीरो के पास शरण लेकर छुपा हुआ था। 31 अक्तूबर की दोपहर बाद जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर सुनील गौड़ और गोपी कन्नौजिया की हत्या कर दी गई थी।
मॉल के सीसी कैमरे की फुटेज से चिह्नित वारदात के मुख्य आरोपी चंदौली के बलुआ थाना के फुलवरिया निवासी 50 हजार के इनामी आलोक उपाध्याय को पांच नवंबर को कैंट रेलवे स्टेशन से क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
इससे पहले दो नवंबर को आलोक के रूम पार्टनर और मॉल में काम करने वाले 25 हजार के इनामी भभुआ निवासी रोहित सिंह को गिरफ्तार किया गया था।वहीं, अन्य दो आरोपियों 50-50 हजार के इनामी आरा निवासी ऋषभ सिंह उर्फ रीशू और कुंदन की तलाश की जा रही थी।
मंगलवार की देर शाम बिहार एसटीएफ और आरा जनपद की पुलिस को सूचना मिली कि अगस्त महीने में आरा सिविल कोर्ट से न्यायिक अभिरक्षा से भागा 50 हजार का इनामी बदमाश हीरो अपने तीन गुर्गों के साथ पीरो थाना क्षेत्र के बराव गांव के समीप मौजूद है तो उसकी घेरेबंदी की गई।
पुलिस को देख कर हीरो ने फायरिंग शुरू कर दी लेकिन जवाबी कार्रवाई में वो मारा गया। इस दौरान हीरो के साथ मौजूद कुंदन और अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उनका एक साथी भाग निकला। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वांछित इनामी कुंदन आरा जिले में गिरफ्तार किया गया है।
उससे पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में एक टीम रवाना की गई है। जल्द ही कैंट पुलिस अदालत में आवेदन दाखिल कर कुंदन को शहर लाएगी और वारदात में प्रयुक्त अवैध पिस्टल बरामद की जाएगी।
दो छात्र नेताओं ने पिस्टल थमा कर नाम रखा था ‘शूटर’
पूछताछ में इनामी कुंदन ने बताया कि वो 12वीं पास कर काशी विद्यापीठ में दाखिले के लिए पिछले साल से पटना में तैयारी कर रहा था। इसी बीच दोस्तों के साथ बनारस आने-जाने के दौरान आलोक उपाध्याय से दोस्ती हुई।
इसके बाद वो विद्यापीठ भी आने-जाने लगा और आलोक के कारण दो छात्रनेताओं से उसकी करीबी बढ़ी तो उन्होंने उसका बेबाक अंदाज देख कर उसे देशी पिस्टल दी और शूटर नाम रखा। जेएचवी मॉल की वारदात के बाद वो अकेले ही पांडेयपुर भागा और फिर दुर्गाकुंड निवासी एक दोस्त के यहां ठहरा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश चला गया और फिर हीरो से संपर्क कर उसके पास आकर शरण लिया।
हीरो ने कहा था कि जरायम जगत में अपनी ही तरह उसे भी स्थापित कर देगा। उधर, इनामी ऋषभ के बारे में पता लगा है कि वो भी आरा और पटना में जगह बदल-बदल कर रह रहा है।
एसएसपी ने बुधवार को इंस्पेक्टर कैंट को अपने कार्यालय में तलब किया। कहा कि जेएचवी मॉल शूटआउट के आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई के लिए कागजी कार्रवाई जल्द पूरी कर कागजात प्रस्तुत करें। एसएसपी ने बताया कि इस वारदात में शामिल आरोपियों की गैंग को भी जल्द ही सूचीबद्ध किया जाएगा।
विद्यापीठ के पांच छात्रनेता क्राइम ब्रांच के रडार पर
जेएचवी मॉल शूटआउट ने काशी विद्यापीठ के छात्रनेताओं और बदमाशों के गठजोड़ का भी खुलासा किया है। अब तक गिरफ्तार रोहित सिंह, आलोक उपाध्याय और कुंदन सेठ से क्राइम ब्रांच की पूछताछ में काशी विद्यापीठ के पांच ऐसे छात्रनेताओं का नाम सामने आया है जो हत्या और रंगदारी मांगने जैसी वारदातों में संलिप्त बदमाशों को शरण देने के साथ ही उन्हें अवैध असलहे उपलब्ध कराते थे।
इसके बदले में वो बदमाशों से अपने लिए गुंडई कराते थे ताकि उनके खिलाफ कोई आवाज न उठा सके। माना जा रहा है कि जल्द ही इन छात्रनेताओं के खिलाफ भी पुलिस की ओर से कार्रवाई शुरू की जाएगी।