एनएचएआई वाराणसी के तकनीकी प्रबंधक ललित कुमार सिंह ने बताया कि ग्राउंड पर इंट्रा सिटी बस टर्मिनल होगा। यहां से शहर में चलने वाली बसों का आवागमन रहेगा। कैंट रोडवेज बस स्टेशन यही शिफ्ट करने की योजना है, जिससे शहर को यातायात जाम से निजात मिलेगा। आठ मीटर के ऊंचाई पर काशी रेलवे का रिमॉडलिंग किया जाएगा। करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर तीसरे मंजिल पर इंटर स्टेट बस सर्विस की सुविधा रहेगी।
इंटर मॉडल स्टेशन काशी में सीधे आने-जाने के लिए एलिवेटेड फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के लिए अलग रास्ता होगा। प्रोजेक्ट के सेकेंड फेज में आईएसबीटी के ही लेवल पर गंगा फेसिंग पर फाइव स्टार व थ्री स्टार होटल बनेगा। इस मल्टीटर्मिनल से खिड़किया घाट व अन्य घाटों व वाटर ट्रांसपोर्ट के लिए जाने का भी रास्ता होगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरएस यादव ने बताया कि आईएमएस स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की योजना है। जिसमें यात्री संबंधित सभी सुविधाएं रहेंगी। काशी स्टेशन पर दो प्लेटफार्म बढ़ाने और ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव है। पैसेंजर ट्रेनों के लिए यार्ड भी बनेगा। अर्बन हाट के लिए एक बड़ी जगह होगी, जहां आजीविका के लिए रोजाना वेंडर्स अपना सामान बेचेंगे।
- तीन हजार करोड़ में 40 एकड़ में विकसित होगा आईएमएसके
- बस, ट्रेन के साथ यात्रियों को मिलेगी होटल और अर्बन हाट की सुविधा
- खिड़किया घाट के जरिए वाटर ट्रांसपोर्ट के लिए बनाया जाएगा रास्ता
- एनएचएआई ने तैयार किया मसौदा, डीपीआर की मंजूरी के बाद शुरू होगा काम।