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BHU: एसीयू में बड़ी लापरवाही, वॉर्ड में लिया सैंपल और रुपये लेकर थमाई निजी लैब की रसीद, वीडियो वायरल

Fri, 04 Aug 2023 02:42 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एसीयू में भर्ती महिला के परिजन को जैसे ही वहां मौजूद लोगों ने निजी लैब की रसीद दी, उसने विरोध किया। इसी बीच उसने निजी लैब से जुड़े लोगों के एसीयू में रुपये लेने, रसीद देने की एक-एक कर कई वीडियो बना लिया। जैसे ही जांच का रुपये लेने वालों की नजर पडी तो उन्होंने महिला के परिजन से वीडियो तुरंत डिलीट करने को कहा। यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो जांच नहीं करेंगे।
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BHU: एसीयू में बड़ी लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के सरसुंदरलाल अस्पताल में गुरुवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां बृहस्पतिवार को एसीयू में भर्ती मरीजों को डॉक्टर ने जांच तो लिखी लेकिन यहां बीएचयू अस्पताल के लैब में जांच के बजाय एक निजी लैब की ओर से सैंपल लेने के साथ ही परिजनों से जांच की फीस ले ली गई। यहीं नहीं उन्हें रसीद भी दी गई है। इस तरह के एक दो नहीं बल्कि तीन वीडियो बृहस्पतिवार की देर शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुआ। मामले में बीएचयू अस्पताल के डिप्टी एमएस प्रो. अंकुर गुप्ता ने पहले तो सुरक्षा का मामला बताया। बाद में इसकी जांच कराने की बात कही।

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बीएचयू अस्पताल में ओपीडी से लेकर वार्ड तक सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षा कर्मी की तैनाती की गई है। इसके अलावा हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन हर समय निगरानी और कड़ी सुरक्षा का दावा भी करता है लेकिन इन दावों की हकीकत कुछ और ही है। गुरुवार को चुनार के पड़री निवासी 58 वर्षीय महिला की तबियत बिगड़ने पर परिजन सुबह साढ़े सात बजे मेडिसिन ओपीडी में लेकर आए। यहां डॉक्टर ने जांच, परामर्श के बाद उसे भर्ती करने का निर्णय लिया। किसी तरह उसको बीएचयू अस्पताल के एसीयू के बेड नंबर 10 पर भर्ती किया गया। शाम को करीब 4.30 बजे एसीयू में रश्मि नगर में संचालित एक निजी लैब की बारकोड लगी जांच फीस की रसीद लेकर एक युवक डॉक्टर के साथ एसीयू में पहुंचा। एसीयू में ही संबंधित महिला के परिजन से उसने जांच का सैंपल लेने के बाद वहीं पर रुपये भी लिया। जांच की रसीद भी दी। महिला के परिजन ने जब आपत्ति जताई तो उसके उपर ही बरस पड़े।

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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल
एसीयू में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा नहीं जा सकता कोई और
सवाल यह है कि एसीयू में गंभीर मरीज भर्ती होते हैं, यहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा कोई और नहीं जा सकता है तो ये निजी लैब का रसीद लिए कौन पहुंचा और मरीजों का सैंपल लेकर उनसे रुपये ले लिए। मजे की बात यह है कि उन्हें किसी ने ऐसा करने से रोका क्यों नहीं। बता दें कि बीएचयू में किसी भी तरह के जांच के लिए रसीद कटाने की केंद्रीयकृत व्यवस्था है। किसी तरह के नगद रुपये नहीं लेने की कोई व्यवस्था है।

वीडियो डिलीट करो नहीं तो जांच नहीं करेंगे

एसीयू में भर्ती महिला के परिजन को जैसे ही वहां मौजूद लोगों ने निजी लैब की रसीद दी, उसने विरोध किया। इसी बीच उसने निजी लैब से जुड़े लोगों के एसीयू में रुपये लेने, रसीद देने की एक-एक कर कई वीडियो बना लिया। जैसे ही जांच का रुपये लेने वालों की नजर पडी तो उन्होंने महिला के परिजन से वीडियो तुरंत डिलीट करने को कहा। यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो जांच नहीं करेंगे। परिजन ने भी वीडियो डिलीट करने से पहले उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 9 सेकेंड के पहले वीडियो में निजी लैब की रसीद मरीजों के बेड पर भर्ती होने का दृश्य है। 16 सेकेंड के दूसरे वीडियो में सैंपल लेकर दो लोग मरीजों के परिजन को रसीद देते दिखाई दे रहे हैं। 12 सेकेंड के तीसरे वीडियो में मरीज का परिजन पैसा गिन रहा है, जिसे वहां मौजूद एक युवक जिसको परिजन डॉक्टर बता रहा है, उसने पैसा लिया और जेब में रख लिया।

अस्पताल के वार्ड में निजी लैब के लोग कैसे गए, यह तो सुरक्षा का मामला है। जहां तक वायरल वीडियो की बात है तो इसकी सत्यता की जांच कराई जाएगी। साथ ही एसीयू में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी दिखवाया गया है। हो सकता है कि किसी ने अस्पताल को बदनाम करने के लिए ऐसा किया हो। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. अंकुर सिंह, डिप्टी एमएस, बीएचयू अस्पताल
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