सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू
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एसीयू में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा नहीं जा सकता कोई और
सवाल यह है कि एसीयू में गंभीर मरीज भर्ती होते हैं, यहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा कोई और नहीं जा सकता है तो ये निजी लैब का रसीद लिए कौन पहुंचा और मरीजों का सैंपल लेकर उनसे रुपये ले लिए। मजे की बात यह है कि उन्हें किसी ने ऐसा करने से रोका क्यों नहीं। बता दें कि बीएचयू में किसी भी तरह के जांच के लिए रसीद कटाने की केंद्रीयकृत व्यवस्था है। किसी तरह के नगद रुपये नहीं लेने की कोई व्यवस्था है।
वीडियो डिलीट करो नहीं तो जांच नहीं करेंगे
एसीयू में भर्ती महिला के परिजन को जैसे ही वहां मौजूद लोगों ने निजी लैब की रसीद दी, उसने विरोध किया। इसी बीच उसने निजी लैब से जुड़े लोगों के एसीयू में रुपये लेने, रसीद देने की एक-एक कर कई वीडियो बना लिया। जैसे ही जांच का रुपये लेने वालों की नजर पडी तो उन्होंने महिला के परिजन से वीडियो तुरंत डिलीट करने को कहा। यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो जांच नहीं करेंगे। परिजन ने भी वीडियो डिलीट करने से पहले उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 9 सेकेंड के पहले वीडियो में निजी लैब की रसीद मरीजों के बेड पर भर्ती होने का दृश्य है। 16 सेकेंड के दूसरे वीडियो में सैंपल लेकर दो लोग मरीजों के परिजन को रसीद देते दिखाई दे रहे हैं। 12 सेकेंड के तीसरे वीडियो में मरीज का परिजन पैसा गिन रहा है, जिसे वहां मौजूद एक युवक जिसको परिजन डॉक्टर बता रहा है, उसने पैसा लिया और जेब में रख लिया।
अस्पताल के वार्ड में निजी लैब के लोग कैसे गए, यह तो सुरक्षा का मामला है। जहां तक वायरल वीडियो की बात है तो इसकी सत्यता की जांच कराई जाएगी। साथ ही एसीयू में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी दिखवाया गया है। हो सकता है कि किसी ने अस्पताल को बदनाम करने के लिए ऐसा किया हो। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. अंकुर सिंह, डिप्टी एमएस, बीएचयू अस्पताल