सरकारी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही बरतने पर अस्पतालों पर कई बार जुर्माना भी लग चुका है। इसके बाद भी न स्थिति सुधरी है न जिम्मेदार अधिकारी। हालत यह है कि कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल एमसीएच विंग के पास खुले में मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। इसमें ऑपरेशन के बाद खून लगे कपड़े के साथ ही सिरिंज, दवाइयां सहित अन्य मेडिकल वेस्ट फेंके हैं। जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों में संक्रमण का खतरा है। जहां यह वेस्ट फेंका हैं, उसके पास में ही एसआईसी का कार्यालय भी है।
महिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन बनारस और आसपास के जिलों से 300 से अधिक महिलाएं आती हैं। इसके अलावा औसतन 5 से 10 महिलाओं को हर दिन भर्ती भी किया जाता है। बैठकों में तो अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को खुले में न फेंकने और अलग-अलग बॉक्स रखने का निर्देश दिया जाता है, लेकिन महिला अस्पताल में इसका पालन नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को अस्पताल के वार्डों में तो साफ-सफाई कुछ ठीक दिखी, लेकिन सबसे खराब स्थिति एसआईसी कार्यालय के पास की सड़क की है। इधर से गुजरने वाली महिलाएं मुंह पर कपड़ा रखकर वार्डों में गई।
अस्पताल में नियमित साफ-सफाई कराई जाती है। यहां से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट का निस्तारण कराया जाता है। अब अस्पताल में इस तरह क्यों वेस्ट पड़ा हैं, इस बारे में संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।
डॉ. लिली श्रीवास्तव, एसआईसी, महिला अस्पताल
कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में लोगों को ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां पर कार्यरत कुछ एजेंसी के कर्मचारियों को हटाने के बाद असुविधा हो रही है। बृहस्पतिवार को जहां अस्पताल के पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं वहीं जांच रिपोर्ट लेने के लिए लोग लैब में ही पहुंच गए।