अध्ययन के प्रथम लेखक डॉ. प्रज्ज्वल प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप की ब्राहुई और अन्य द्रविड़ आबादी के बीच भाषाई संबंध की लंबे समय से ऐतिहासिक धारणा के बावजूद, इस अध्ययन ने आनुवंशिक रूप से इस संबंध की पुष्टि नहीं की है।
भाषा विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉर्ज वैन ड्रिम ने कहा कि इस नवीनतम शोध में पहली बार ओरांव के डीएनए का डाटा तैयार हुआ है, जिसने विभिन्न परिकल्पनाओं का परीक्षण करने में मदद की। अध्ययन के निष्कर्षों से पता चला है कि ओरांव लोग अपने पड़ोसी भारतीय मुंडारी (ऑस्ट्रोएशियाटिक) आबादी से आनुवंशिक संबंध प्रदर्शित करते हैं।