बीएचयू में पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना नार्लीकर और कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज के बीच चल रहे विवाद का विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द पटाक्षेप चाहता है। विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल होने से बचाना इसकी बड़ी वजह है।
पत्रकारिता विभाग की शिक्षक डॉ. नार्लीकर ने प्रमुख प्रो. पंकज के मामले में हर दिन नया मोड़ आता जा रहा है। आठ जुलाई को लंका थाने में तहरीर देकर महिला शिक्षक ने प्रो. पंकज के विरुद्ध धमकी के साथ ही एससी-एसटी अधिनियम के तहत पहले मुकदमा दर्ज कराया और उसके तीन दिन बाद कुछ शिक्षकों और छात्रों के साथ सिंह द्वार पर धरना देने के साथ ही लंका थाने का घेराव किया।
उधर प्रो. पंकज के समर्थन में 65 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र देकर डॉ. नार्लीकर पर कार्रवाई की मांग भी की थी। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय प्रशासन महिला शिक्षक के साथ थाने का घेराव करने पहुंचे शिक्षकों को नोटिस जारी कर पूछताछ कर सकता है।
कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कलीमुल्लाह खान की अध्यक्षता में जांच कराने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जल्दी ही इसके लिए आदेश जारी करने के साथ-साथ न्यायमूर्ति से यथाशीघ्र जांच शुरू करने का आग्रह किया जाएगा।