काशी हिंदू विश्वविद्यालय अब ब्रिटिश उच्चायोग के अधिकारियों को हिंदी सिखाएगा। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के हिंदी भाषा में खास रुचि दिखाने के बाद बीएचयू के हिंदी विभाग ने उनकी जरूरतों के हिसाब से शॉर्ट टर्म लर्निंग प्रोग्राम तैयार कराने का भरोसा दिया है। अगर उच्चायोग हिंदी सीखने को लेकर अपनी आवश्यकताएं भेजेगा तो बीएचयू उसके मुताबिक 15-20 दिनों का शॉर्ट टर्म प्रोग्राम बनाएगा।
शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग और साझेदारी के मसले पर बातचीत के लिए राजनीतिक एवं द्विपक्षीय मामलों की प्रमुख नतालिया लीह की अगुवाई में बीएचयू पहुंचे ब्रिटिश उच्चायोग के प्रतिनिधिमंडल ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भारत के बारे में जानने के लिए हिंदी का ज्ञान जरूरी है।
उन्होंने सवाल किया कि ब्रिटिश उच्चायोग के लिए क्या बीएचयू हिंदी का कोई 15-20 दिन का शॉर्ट टर्म प्रोग्राम बना सकता है। इस पर कुलपति प्रो. सुधीर जैन ने हिंदी विभाग के प्रो. आशीष त्रिपाठी को बुलवाया और बातचीत के बाद कहा कि अगर आप अपनी जरूरत हमें बताएं कि हिंदी की किस स्तर की जानकारी आपको चाहिए तो हम शॉर्ट टर्म प्रोग्राम बना सकते हैं।
गौरतलब है कि ब्रिटिश उच्चायोग, नई दिल्ली की टीम ने बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर जैन से मुलाकात कर विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग और साझेदारी पर सहमति बनाई। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण, हरित ऊर्जा, सतत विकास, अंतरविषयक अनुसंधान, कला एवं संस्कृति समेत कई क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया।
प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटिश उच्चायोग में ओबीई मिनिस्टर काउंसलर, राजनीतिक बेक बकिंघम और ब्रिटिश काउंसिल भारत में एजुकेशन प्रोग्राम एवं साझेदारी के प्रमुख राजेंद्र त्रिपाठी भी शामिल थे। कुलपति प्रो. जैन ने कहा कि बीएचयू वैश्विक संस्थानों के साथ साझेदारी विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है, ताकि विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुल सकें।
शीवनिंग स्कॉलरशिप और स्काउट जैने कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी साझा की गई, जिनमें भारतीय छात्र-छात्राएं और शोधकर्ता आवेदन कर सकते हैं। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. अरुण सिंह, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के समन्वयक प्रो. एसवीएस राजू, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के सह समन्वयक प्रो. राजेश सिंह और ग्लोबल इनिशिएटिव्स ऑफ एकेडेमिक नेटवर्क्स की समन्वयक प्रो. मधु तापड़िया भी उपस्थित रहीं।