फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे तो कोई बीएचयू को दान नहीं देगा

Wed, 06 Jul 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
बीएचयू
विज्ञापन
जिस व्यक्ति के प्रति बीएचयू को कृतज्ञता जाहिर करनी चाहिए थी, उसकी ही तौहीन कर दी। महामना के मिशन को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए स्व. ठाकुर रतनपाल सिंह और उनके उत्तराधिकारी पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह ने छह करोड़ 25 लाख रुपये दान में दे दिए। बुधवार को होने वाले कार्यक्रम में उनको आमंत्रित ही नहीं किया गया। सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में नए इमरजेंसी भवन का उद्घाटन बुधवार को होना है। इस भवन के निर्माण के लिए सिंह परिवार ने 1.90 करोड़ रुपये दान दिए हैं। बीएचयू प्रशासन के रवैये से दुखी सुरेंद्र बहादुर सिंह मंगलवार को वाराणसी पहुंचे और मीडिया से अपना दर्द बयां किया। उन्होंने आहत स्वर में कहा, ‘बीएचयू प्रशासन तो बड़ा थैंकलेस निकला...।’
विज्ञापन



सुरेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक बीएचयू में वाणिज्य संकाय के निर्माण के लिए रतनपाल सिंह ने 1975 में 35 लाख और वर्ष 2006 में इसके तृतीय तल के निर्माण के लिए 60 लाख रुपये दिए थे। गोमती छात्रावास के निर्माण के लिए पूर्व कुलपति प्रो. डीपी सिंह के कार्यकाल में तीन करोड़ रुपये दिए थे। एमएमवी में साइबर हट के लिए 40 लाख रुपये दिए थे। बीएचयू से उनके पिता रतनपाल सिंह और खुद उन्होंने भी शिक्षा ग्रहण की है। बीएचयू से लगाव के चलते वह यहां दान करते हैं। नए इमरजेंसी भवन के लिए दान देते समय एग्रीमेंट हुआ था कि नए भवन का नाम ठाकुर रतनपाल सिंह के नाम पर होगा। बावजूद इसके बीएचयू प्रशासन ने अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में बीएचयू प्रशासन से शिकायत करने के अलावा कानूनी कार्यवाही करेंगे।


चार मंजिला भवन में तीन मंजिल के लिए सुरेंद्र बहादुर सिंह ने पहले 1.5 करोड़ रुपये दिए थे। एक मंजिल भवन बनाने का धन एक अन्य व्यक्ति ने बीएचयू को दिया था। बाद में बीएचयू प्रशासन के कहने पर सुरेंद्र बहादुर सिंह ने चौथी मंजिल के लिए भी 40 लाख दिए थे। हालांकि इस धनराशि का इस्तेमाल नहीं हुआ। धन इस्तेमाल न होने की स्थिति में सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बीएचयू से 40 लाख रुपये वापस मांगे। सुरेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक उन्हें यह राशि वापस नहीं की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें