बीएचयू परिसर में बिरला और रूईया हॉस्टल के छात्रों के बीच बृहस्पतिवार की दोपहर मारपीट, पथराव में तीन छात्र घायल हो गए थे। दोपहर से देर शाम तक स्थिति बेकाबू रही। लंका पुलिस की मौजूदगी के बावजूद छात्रों ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड एकदम असहज रहा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया समेत अन्य सुरक्षा कर्मी उग्र छात्रों को समझाने में नाकाम रहे। हालात बिगड़ने पर पीएसी और कमिश्नरेट पुलिस की 10 थानों की फोर्स परिसर में घुसी तो छात्र शांत हुए।
2019 की तरह बवाल देख सहम गए थे सुरक्षाकर्मी
एलबीएस और बिरला हॉस्टल के बीच मारपीट और पेट्रोल बम फेंकने जैसी घटना साल 2019 के दौरान हुई थी। आक्रोशित छात्रों को समझाने में बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड फेल हुआ थी तो लंका पुलिस फोर्स के संग कैंपस में दाखिल हुई थी। तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर ओपी राय खुद पुलिस के साथ कैंपस में उपद्रवी छात्रों के बीच गए थे। उस घटना की तरह ही बृहस्पतिवार को बिरला और रूईया के बीच घटना हुई। यह देख कई सुरक्षाकर्मी भी सहम गए। कई गाड़ियों के शीशे क्षतिग्रस्त भी हुए हैं।