बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर
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बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर ने शनिवार को पढ़ाई और सुविधा-संसाधनों की पड़ताल के लिए संकायवार दौरे की शुरुआत की। वह पहले सामाजिक विज्ञान संकाय और फिर कला संकाय पहुंचे।
शिक्षकों से कहा, छात्रों को सर्वाधिक समय दें। एक शिक्षक के लिए छात्र से बड़ी पूंजी कोई और नहीं। अधिक से अधिक समय छात्रों संग बिताएं। विभागवार जरूरत और उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरान संकायों में मौजूद छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव साझा किए। लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी और कहा कि संकल्प दृढ़ है तो सफलता सुनिश्चित है। विभागाध्यक्षों से मुखातिब कुलपति ने कहा कि एक शिक्षक जीवन भर कुछ न कुछ सीखता रहता है।
हमेशा कुछ बेहतर करने की सोचें और छात्रों को प्रेरित करें। इस दौरान प्रेमचंद सभागार में विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। कुलपति ने रोजगारपरक शिक्षा पर बल दिया। विभागों में शिक्षकों की कमी, लाइब्रेरी, स्टाफ रूम और क्लास रूम से जुड़ी समस्याओं पर पहल का भरोसा दिलाया।
शिक्षकों के साथ संबोधन कार्यक्रम में कुलपति ने अपने को ऑनरेबल वाइस चांसलर बोलने पर कहा कि मैं भी आपके बीच का हूं। एक प्रोफेसर हूं इसलिए मुझे अपने से अलग न समझें। साथ मिलकर बेहतर करना ही हम सबका उद्देश्य होना चाहिए।
कुलपति को विभागाध्यक्ष प्रोजेक्टर पर अपने विभाग की उपलब्धियां और जरूरतें बता रहे थे। कुलपति ने सुझाव दिया कि विभाग से पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र मौजूदा समय कहां और किस क्षेत्र में, किस पद पर हैं। इसका अलग से डाटा तैयार होना चाहिए, जिससे कि पता चल सके कि आगे और क्या बेहतर किया जा सकता है।