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तब नहीं लिया सबक, अब बिगड़ा माहौल तो सामने आईं खामियां

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बीएचयू में बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के बीच पहले भी कई बार मारपीट, पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। एक के बाद एक घटनाओं से विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया, जिसके कारण फिर माहौल बिगड़ा तो सुरक्षा व्यवस्था की खामियां सामने आ र्गइं। बृहस्पतिवार को जिस समय पत्थरबाजी हो रही थी, उस समय विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी पहुंचे तो थे पूरी तैयारी से, लेकिन छात्रों को रोकने का प्रयास नहीं किया। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस का ही सहारा लेना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ।
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विश्वविद्यालय परिसर में 11 सितंबर को मैत्री जलपान गृह के पास भी छात्राें में मारपीट और चाकूबाजी हुई थी। इसमें बिरला के छात्रों को चोटें आईं थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने, दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कही थी लेकिन हुआ कुछ नहीं। बृहस्पतिवार की घटना को भी उसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
एलबीएस हॉस्टल में पुलिस घुसी तो वार्डन ने आपत्ति जताई। इस पर एसपी सिटी दिनेश सिंह और हॉस्टल के वार्डन से नोकझोंक भी हुई। जहां वार्डन हॉस्टल में घुसकर कमरों की तलाशी लेने और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार पर आपत्ति जता रहे थे, वहीं एसपी सिटी का कहना था कि हॉस्टल में कुछ बाहरी छात्र रह रहे हैं, जिनकी पहचान होना जरूरी है। जो हॉस्टल का छात्र होगा, उसे कोई परेशानी नहीं होगी।
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तलाशी के दौरान हॉस्टल से 15 ऐसे छात्र मिले जो घटना के समय वहां थे। उन्होंने विश्वविद्यालय का छात्र होने की जानकारी दी। साथ ही परिचय पत्र भी दिखाया, लेकिन एसपी सिटी के निर्देश पर सभी को गाड़ी में बिठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान छात्रों के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए थे।
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