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महामना के आदर्शों को दुनिया में प्रसारित कर रहे पुरा छात्र

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय पुरा छात्र समागम का शुभारंभ शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन में हुआ। पुरातन छात्र समागम में विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र खगोलविद पद्म विभूषण प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश समेत आठ पुरातन छात्रों को विशिष्ट सम्मान दिया गया। हालांकि राज्यसभा उपसभापति यह पुरस्कार लेने के लिए उपस्थित नहीं थे। कार्यक्रम में बीएचयू को विश्व के शीर्ष विश्वविद्यालयों के समकक्ष बनाने की दिशा में पुराछात्रों का सहयोग और सुझाव मांगा गया। दो दिवसीय आयोजन में 15 सौ पुरा छात्र शामिल हो रहे हैं।
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शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार शशि शेखर, कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, कुलगुरु प्रो. वीके शुक्ला, प्रो. सुशीला सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन व महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि महामना के विश्वविद्यालय में काम करने का अवसर मेरे लिए गर्व की बात है। हमारे पुरा छात्र दुनिया में महामना के आदर्शों को प्रसारित कर रहे हैं। हमें हिंदी का सम्मान करते हुए अन्य भाषा को भी महत्व देना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कृषि से लेकर चिकित्सा के क्षेत्र में बीएचयू महत्वपूर्ण शोध में जुटा है। हमने प्रवेश परीक्षा को आसान बनाया है। सौ करोड़ का डिस्कवरी सेंटर बनकर तैयार है। यहां अत्याधुनिक उपकरणों से शोध किया जाएगा। उन्होंने बीएचयू में स्थित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा कि टीबी का जो टेस्ट 5000 में होता था, वह बीएचयू के सहयोग से अब महज 200 रुपये में संभव हो सका।
मुख्य अतिथि शशि शेखर ने कहा कि यहां का छात्र होना मेरे लिए गर्व की बात है। संचालन चंद्राली मुखर्जी और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अंजलि वाजपेयी ने किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रधान सचिव डॉ. रजनीश दुबे, आईआईएमसी के प्रो. आनंद प्रधान, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामा शंकर दुबे, छपरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह, राजीव गांधी विश्वविद्यालय अरुणाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा, दक्षिणी बिहार केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. एचसीएस राठौर ने विचार व्यक्त किए।
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