इसी बीच पुलिसकर्मियों के पहुंचते ही मामला कुछ क्षण के लिए शांत हो गया। रात में लंका चाय की दुकानों पर छात्रों की जुटान होने पर नाराज चितईपुर चौकी इंचार्ज ने चाय की कुछ भट्ठियों को तोड़ना शुरू किया तो वहां खड़े आइसा बीएचयू अध्यक्ष विवेक कुमार और सदस्य प्रियांक मणि आदि छात्रों ने विरोध किया। इस दौरान छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों पर बर्बरता दिखाई।
मौके पर विवेक और प्रियांक को चौकी इंचार्ज ने बेरहमी से मारा पीटा और थाना में ले जाकर पीटा। साथी की पिटाई से आक्रोशित दो दर्जन से अधिक छात्रों ने लंका थाना का घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग पर अड़े छात्रों को समझाने के लिए सीओ भेलूपुर और एसपी सिटी पहुंचे।
एबीवीपी के कुछ छात्रों ने बीएचयू सिंहद्वार बंद करते हुए धरने पर बैठ गए। लगभग एक घंटे तक गेट बंद रहा। एहतियातन भेलूपुर, मंडुवाडीह आदि आसपास थानों की फोर्स बुला दी गई। देर रात एसी सिटी दिनेश सिंह ने चौकी इंचार्ज को निलंबित किया तो धरनारत छात्र माने। उधर, पुलिस की पिटाई से घायल प्रियांक व विवेक का इलाज बीएचयू में किया गया। बताया गया कि छात्रों ने पुलिस से हाथापाई भी की। जिसमें सिपाही सुमित सिंह घायल हुआ तो चौकी प्रभारी की सर्विस पिस्टल का पिन टूट गया।
अराजक तत्वों का जमावड़ा बन रहा लंका
लंका स्थित चाय की दुकानें देर रात तक खुली रहने से अराजकतत्वों का जमावड़ा लग रहा है। बीएचयू छात्रों व कुछ बाहरी युवकों का रात भर लंका पर जुटान रहता है। इस वजह से आएदिन मारपीट की घटनाएं होती है। ऑटो वालों को मारकर पैसा छीनना और एंबुलेंस चालकों से वसूली जैसी शिकायतें आएदिन सामने आती है।