फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवियों में आती जा रही है राजनीतिक उदासीनता

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बीएचयू हिंदी विभाग में बुधवार को कविता संग्रह क्षीरसागर में नींद का लोकार्पण जाने माने कवि मदन कश्यप ने किया। हिंदी विभाग के प्रोफेसर श्रीप्रकाश शुक्ल के इस संग्रह में बनारस की साहित्यिक, सांस्कृतिक विरासतों का उल्लेख करने के साथ ही संवेदनाओं को शामिल किया गया है। बतौर मुख्य अतिथि कवि मदन कश्यप ने प्रो. शुक्ल को परंपरा बोध का कवि बताते हुए कहा कि अब अधिकांश कवियों ने मौलिक ढंग से सोचना बंद कर दिया है।
विज्ञापन

हिंदी विभाग के सेमिनार हाल में आयोजित समारोह में मदन कश्यप ने कहा कि आज अधिकांश कवियों में राजनीतिक उदासीनता आती जा रही है, लेकिन श्रीप्रकाश शुक्ल की सांस्कृतिक चेतना में एक राजनीतिक अंतरधारा मौजूद है। सत्ता जिन चीजों के बारे में जितना चाहती है उतना ही हम सोचने लगे हैं। अध्यक्षता करते हुए कवि ज्ञानेंद्र पति ने प्रो. शुक्ल के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कविता को गद्य के निकटतम बिंदु तक ले जाने की कोशिश की है। ज्ञानेंद्र पति ने पक्का महाल पर लिखी कविताओं को श्रेष्ठ बताया। इस दौरान प्रो. वशिष्ठ अनूप, कवि कृष्णमोहन झां, डॉ. रामाज्ञा शशिधर, डॉ. कमलेश वर्मा, डॉ. राहुल चतुर्वेदी, डॉ. विंध्याचल यादव ने कविता संग्रह के बारे में अपने विचार रखे। अतिथियाें का स्वागत शोध छात्र जगन्नाथ दूबे, संचालन डॉ. वंशीधर उपाध्याय और धन्यवाद ज्ञापन रंजना गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में प्रो. बलिराज पांडेय, प्रो. अखिलेश कुमार, प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी, प्रो. मनोज सिंह, डॉ. प्रभाकर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें