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बीएचयू संघ भवन का मामला: 14 दिसंबर को आ सकता है एकतरफा कार्यवाही का आदेश, ढाई साल से चल रहा केस

Fri, 05 Dec 2025 05:00 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू संघ भवन के मामले में 14 दिसंबर को एकतरफा कार्यवाही का आदेश आ सकता है। मामले में बीएचयू ने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई एफिडेविट। हालांकि ये केस पिछले ढाई साल से चल रहा है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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बीएचयू संघ भवन मामले में 14 दिसंबर को भी जवाब नहीं मिला तो न्यायालय कुलपति के खिलाफ एकतरफा (एक्सपार्टी) कार्यवाही का आदेश दे सकता है। आरएसएस भवन को फिर से संचालित करने और वहां किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न होने देने के संबंध में वादी प्रमील पांडेय की ओर से दाखिल वाद पर बृहस्पतिवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) शमाली मित्तल के कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख दी गई है। 

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प्रमील पांडेय ने बताया कि कुलपति मुकदमे में प्रस्तुत नहीं हुए हैं। न तो एफिडेविट दिया और न ही वादी या उनके अधिवक्ता को बीएचयू से कोई जवाब ही मिला। इस पर न्यायालय ने प्रतिवादी को अंतिम अवसर दिया। फिर भी बीएचयू ने न्यायालय में एफिडेविट नहीं दिया। बीते ढाई साल से ये केस कोर्ट में चल रहा है। 

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1931 में बीएचयू में शुरू हुई संघ की शाखा 

प्रमील पांडेय ने बीएचयू में स्थापित आरएसएस भवन को फिर से संचालित करने और वहां किसी भी प्रकार का अवरोध न होने देने की मांग को लेकर अदालत में वाद दायर किया है। वाद में कहा गया है कि बीएचयू में वर्ष 1931 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा प्रारंभ हुई थी। महामना पं. मदन मोहन मालवीय की पहल पर वर्ष 1937-38 में दो कमरों का एक संघ भवन भी बनवाया गया था। 

यह भवन उस समय के प्रति कुलपति राजा ज्वाला प्रसाद के माध्यम से निर्मित कराया गया था। वर्तमान में यह भवन विधि संकाय परिसर में स्थित है और इसे संघ स्टेडियम के नाम से जाना जाता था। इसी बीच आपातकाल के दौरान 22 फरवरी 1976 को तत्कालीन कुलपति कालूलाल श्रीमाली के कार्यकाल में इस भवन को रातों-रात ध्वस्त करा दिया गया था। मामला अब कोर्ट में चल रहा है।
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