4 जुलाई को दाखिल हुआ हलफनामा
याचिकाकर्ता ने बताया कि चार जुलाई 2026 को एक हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें कहा गया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद इब्राहिम के नेतृत्व में छह सदस्यीय संयुक्त समिति ने 29 जून 2026 को स्थल का निरीक्षण किया था। हलफनामे के अनुसार, निरीक्षण में पाया गया कि बीएचयू ने वर्ष 2025 में विभिन्न प्रजातियों के 978 पौधे लगाए थे। इनमें से 859 पौधे जीवित और सुरक्षित पाए गए। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में माना कि जीवित पौधों की यह संख्या कानून के तहत अनिवार्य 20 गुना क्षतिपूरक पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करती है।
इन पेड़ों को काटा गया था
| पेड़ों के नाम |
संख्या |
जुर्माना (रुपये) |
| आम |
6 |
1,15,06,106 |
| गुलमोहर |
3 |
52,91,476 |
| महुआ |
2 |
53,09,225 |
| कटहल |
1 |
1,83,820 |
| सफेद चंदन |
7 |
6,26,119 |
| सागौन |
14 |
62,75,204 |
कुल पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति : 2,65,26,877.08 रुपये (करीब 2.65 करोड़ रुपये)