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BHU: डीन पर गंभीर आरोप लगाने वाली शिक्षिका के विरोध में उतरे शिक्षक

Wed, 12 Jul 2017 10:50 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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डॉ. नर्लिकर के समर्थन में छात्रों ने खोला मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में कला संकाय प्रमुख कुमार पंकज और पत्रकारिता विभाग की शिक्षक डॉ. शोभना नर्लिकर के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है।  डॉ. नर्लिकर के प्रो. कुमार पंकज के खिलाफ एससी, एसटी का मुकदमा दर्ज कराने से नाराज विश्वविद्यालय के 65 शिक्षकों ने मंगलवार को कुलपति से शिकायत की।
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उन्होंने कुलपति को पत्र देकर चेतावनी दी कि महिला शिक्षक के विरुद्ध जल्द कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उधर, प्रो. कुमार पंकज के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डॉ. नर्लिकर ने छात्रों के साथ सिंह द्वार पर धरना दिया।

साथ ही, लंका थाने का घेराव कर प्रो. कुमार पंकज की गिरफ्तारी की मांग की।  इस बीच, डॉ. नर्लिकर की तहरीर पर आठ जुलाई को लंका थाने में प्रो. कुमार पंकज के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की तफ्तीश के लिए जांच अधिकारी डिप्टी एसपी अखिलेश सिंह मंगलवार को कला संकाय पहुंचे।
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उन्होंने संकाय प्रमुख कार्यालय में डॉ. नर्लिकर और प्रो. कुमार पंकज का बयान दर्ज किया।
इससे पहले डॉ. नर्लिकर के कार्यालय आने की सूचना मिलने पर प्रमुख प्रो. कुमार पंकज ने चीफ प्राक्टर को फोन कर महिला प्राक्टर को बुलाया ताकि किसी आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौजूद रहें।

कुमार पंकज के समर्थन में आए 65 शिक्षकों नेे कुलपति को लिखे पत्र में बताया है कि डॉ. नर्लिकर पूर्व में भी विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकों, अधिकारियों पर मनगढंत आरोप लगाती रही हैं।

उन पर कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। उधर महिला शिक्षक ने छात्रों के साथ दोपहर 12 बजे सिंह द्वार पर प्रदर्शन के बाद लंका थाने का घेराव किया। प्रो. कुमार पंकज की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की। 
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कुलपति कराएंगे न्यायिक जांच

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क ने जारी की रैंकिंग - फोटो : file

पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना नर्लिकर और विभागाध्यक्ष/कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज के बीच विवाद की न्यायिक जांच कराई जाएगी। सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने दोनों पक्षों से कहा कि व्यक्ति से अधिक संस्था की प्रतिष्ठा होती है। लिहाजा, संयम बरतते हुए विश्वविद्यालय की गरिमा और मर्यादा के अनुरूप आचरण करें। 
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