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BHU: 1200 में भोजपुरी की पढ़ाई , 8 हजार में कर्मकांड, 3 लाख में एनेस्थिसिया कोर्स; जानें अपडेट

Tue, 26 May 2026 11:27 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के शिक्षण संस्थानों में कम फीस वाले पाठ्यक्रमों को लेकर चर्चा तेज है। भोजपुरी की पढ़ाई 1200 रुपये, कर्मकांड का कोर्स 8 हजार रुपये और एनेस्थिसिया कोर्स करीब तीन लाख रुपये में संचालित हो रहा है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि एनेस्थिसिया कोर्स में एक छात्र के प्रवेश पर भी पढ़ाई बंद नहीं की जाएगी।
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू में शुरू हुए 55 स्पेशल कोर्स के दाखिले में से करीब 20 कोर्स आध्यात्म और आयुर्वेद से जुड़े हैं। इसमें धर्म, कर्मकांड, योग, प्रसव विज्ञान, मैटर्नल हेल्थ केयर, वैदिक गणित जैसे सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। सबसे सस्ता कोर्स 1200 रुपये और सबसे महंगी फीस तीन लाख रुपये सालाना है। कई कोर्स ऐसे हैं जिनमें एक भी छात्र ने दाखिला ले लिया तो भी कोर्स बंद नहीं होगा। हालांकि इन कोर्स में बीएचयू के बाहर का छात्र प्रवेश नहीं पा सकता। 

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कर्मकांड में एक साल के डिप्लोमा कोर्स की फीस 8000 रुपये है। इसमें 32 सीटें हैं लेकिन 10 अभ्यर्थियों के भी दाखिले हो गए तो भी कोर्स चलाया जाएगा। इसके अलावा आध्यात्म में वैदिक साइंस, वैदिक गणित, वैदिक न्यायशास्त्र, ज्योतिष-वास्तु शास्त्र, पाणिनी व्याकरण आदि में एक साल और योग शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा कोर्स है। इन सबकी सालाना फीस 10 हजार रुपये है।  

भोजपुरी सबसे सस्ता और एनेस्थिसिया सबसे महंगा कोर्स: सबसे सस्ता कोर्स भोजपुरी प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट है। चार महीने की अवधि वाले इस कोर्स की फीस 1200 रुपये है। योग्यता में सिर्फ किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए।

इस कोर्स को कला संकाय के भोजपुरी अध्ययन केंद्र की ओर से चलाया जाएगा। इसमें 37 सीटें हैं मगर पांच छात्रों ने भी दाखिला ले लिया तो कोर्स चलाया जाएगा। सबसे महंगा कोर्स दो वर्ष का एनेस्थिसियोलॉजी में पीजी डिप्लोमा कोर्स है। इसकी हर साल की फीस तीन लाख रुपये है। इस कोर्स में योग्यता बीएएमएस या इसके समकक्ष डिग्री है। इसके लिए 22 से लेकर 45 वर्ष के लोगों को दाखिला मिल सकेगा। 

प्रवेश एआईएपीजीईटी यानी कि अखिल भारतीय स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा- 2025 की योग्यता के आधार पर होगा। कोर्स आयुर्वेद संकाय में चलाया जाएगा। इसमें दो सीटें हैं। यदि एक भी छात्र मिला तो कोर्स चलाया जाएगा। 
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प्रसव विज्ञान और मैटर्नल हेल्थ केयर की फीस 80 हजार
प्रसव विज्ञान में एक साल के सर्टिफिकेट कोर्स में कुल सात सीटें हैं मगर तीन छात्रों के प्रवेश पर भी कोर्स चलेगा। इतनी ही सीटों पर मैटर्नल हेल्थ केयर में दो वर्ष का ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है। दोनों की फीस 80,000 रुपये सालाना है। ज्यादा मांग में रहने वाले डेटा से जुड़े स्टैटिस्टिक्स एंड कंप्यूटिंग में एक साल के डिप्लोमा कोर्स में 77 सीटें हैं मगर 10 सीटें भर गईं तो भी कक्षाएं चलेंगी। इसकी फीस 10 हजार रुपये सालाना है।
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