वाराणसी। आईआईटी की तर्ज पर अब बीएचयू के छात्र भी धोती-कुर्ता और उत्तरीय में डिग्री लेंगे। 26 अप्रैल को होने वाले दीक्षांत समारोह में विद्यार्थी बादामी रंग के कुर्ता और धोती के साथ पीले रंग का उत्तरीय धारण करेंगे। विश्वविद्यालय के झंडे के पीले रंग पर ही उत्तरीय का रंग पीला रखा गया है, जिस पर एक तरफ बीएचयू का लोगो तो दूसरी तरह सिंहद्वार का प्रतीक चिह्न होगा। वहीं, छात्राएं साड़ी में नजर आएंगी। बुधवार को विद्वत परिषद की विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कुलपति की अध्यक्षता में केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित बैठक में 26 अप्रैल को इसरो के वैज्ञानिक प्रो. माधवन नायर के मुख्य आतिथ्य में होने वाले दीक्षांत समारोह में पारंपरिक परिधान में उपाधि वितरण का फैसला हुआ। तय किया गया है कि दीक्षांत में छात्र धोती-कुर्ता, उत्तरीय और साफा पहनेेंगे। स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध छात्रों के साफे के रंग अलग-अलग होंगे। उत्तरीय और साफा विश्वविद्यालय से उपलब्ध कराया जाएगा। छात्राएं लाल बार्डर वाली सफेद साड़ी के साथ उत्तरीय धारण करेंगी। इस बार 11500 उपाधियां और चांसलर एवं बीएचयू मेडल सहित कुल 327 पदक दिए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया है कि जल्द ही इसके एक कमेटी बनाई जाएगी, जो महामना के भारतरत्न को प्रेरणास्पद स्थान पर रखने का फैसला करेगी। परिषद की अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी। बैठक में कुलसचिव डा. केपी उपाध्याय, डा. एमके पांडेय सहित विद्वत परिषद के सभी सदस्य मौजूद रहे।