देश का हर दूसरा आदमी साइबर फ्रॉड का शिकार
संकाय में डॉ. ईशी मोहन और डॉ. लाल बाबू जायसवाल ने बताया कि कोर्स की पढ़ाई के दौरान सभी स्टूडेंट्स को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। बाकी लोग इसका शिकार न हो सकें, इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
कहा कि देश का हर दूसरा आदमी साइबर फ्रॉड से ठगा जा रहा है। इसे रोकना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय सेवा योजना के वर्कशॉप में साइबर थाना के सब इंस्पेक्टर श्यामलाल गुप्ता, पृथ्वी सिंह और दीना यादव भी पहुंचे थे।
छात्रों को सिखाई गई ये तकनीक
- सोशल मीडिया एकाउंट की सिक्योरिटी के लिए स्टेप-2 वेरिफिकेशन का प्रयोग करें।
- इंटरनेट बैंकिंग, सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने के बाद लॉग आउट करना न भूले।
- सिक्योर और ऑथेंटिक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट या एप्स से ही खरीदारी करें।
- कस्टमर केयर से संपर्क करने के लिए ऑथेंटिंक वेबसाइट पर जाकर ही कॉन्टैक्ट नंबर सर्च करें।
- शॉपिंग में कैश ऑन डिलीवरी विकल्प ही चुने।
- सोशल मीडिया एकाउंट की यूजर आईडी और पासवर्ड किसी से साझा न करे।
- सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल सूचना और फोटो पोस्ट करने में सावधानी बरते।
बाहर रहने वाले छात्रों के मां-बाप करते हैं ब्लैकमेल
छात्रों को ये भी सीख दी गई कि यदि आप किसी दूसरे शहर में रहते हैं तो आपके परिजनों को फोन पर ब्लैकमेल किया जाएगा। उनको कहा जाएगा कि आपका बच्चा गलत संगत में पकड़ा गया है। लड़की सेक्स रैकेट वालों के साथ पकड़ी गई है। ऐसे में वो कुछ खर्चा पानी मांगकर छोड़ने की बात करते हैं। यदि गार्जियन ने बात करने की इच्छा भी जाहिर की तो मिलते-जुलते आवाज में रोते हुए बात करा दी जाएगी।