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BHU: छात्र 1-2 किलोमीटर टहल-घूमकर कर रहे क्लास, स्नातक के मेजर-माइनर सहित छह कोर्स ने बढ़ाए फुटस्टेप्स

Fri, 16 Jan 2026 05:10 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: नई शिक्षा नीति के दौर में बीएचयू की स्नातक कक्षाओं का ट्रेंड बदल गया है। यहां छात्र 1-2 किलोमीटर टहल-घूमकर क्लास कर रहे हैं। 
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई शिक्षा नीति के दौर में बीएचयू की स्नातक कक्षाओं का ट्रेंड बदल गया है। विद्यार्थी अब टहल घूमकर कक्षाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। पीरियड बदलते ही छात्र और छात्राएं तत्काल विभाग से निकलकर एक से दो किलोमीटर दूर दूसरी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। पहले सेमेस्टर में छात्रों ने इस ट्रेंड का रियाज और रिहर्सल कर लिया है अब दूसरे सेमेस्टर से ये व्यवस्था पूरी तरह से लागू होगी। 

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छात्रों को अब स्नातक में एक कोर्स नहीं बल्कि अलग-अलग विषयों के छह कोर्स एक साथ करने पड़ रहे हैं। मेजर और माइनर को मिलाकर दो से तीन कोर्स, वहीं एबिलिटी एहनांसमेंट, वैल्यू ऐडेड, मल्टी डिसीप्लीनरी समेत छह कोर्स करना पड़ रहा है। इन सबकी कक्षाएं अलग-अलग संकायों में चल रही हैं। इन छह कोर्स के दबावों ने बिना मॉर्निंग वॉक किए ही छात्रों के फुट स्टेप्स काउंट भी बढ़ा दिए हैं। 

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कई छात्रों को नहीं मिल सका मनपसंद विषय

बीएचयू के एक प्रोफेसर ने बताया कि चौथे सेमेस्टर तक छात्र और छात्राओं को चल फिर कर कक्षाएं करनी होंगी। इसके बाद उन्हें अपने मुख्य विषय की ही पढ़ाई करनी होगी। मेजर विषय के साथ माइनर विषय को मेरिट के आधार पर छात्र और छात्राओं को दिया गया। ऐसे में कई छात्रों को उनके मनपसंद का विषय नहीं मिल सका।

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संगीत से निकलकर विज्ञान में जा रहे छात्र
वॉक क्लास का दौर छात्र और छात्राओं को काफी रास आ रहा है। वहीं, कक्षा में उपस्थिति की अनिवार्यता के चलते फुट स्टेप्स काउंट नियमित बढ़ ही रहा है। जैसे कि बीम्यूज करने वाले छात्र को संगीत एवं मंच कला संकाय से निकलकर विज्ञान संस्थान या वाणिज्य संकाय तक जाना पड़ता है जो कि एक से डेढ़ किमी तक दूर है। राजनीति विज्ञान से स्नातक कर रहे छात्र को आर्कियोजूलॉजी कोर्स की पढ़ाई करने के लिए जंतु विज्ञान विभाग तक जा रहे हैं।
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