बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ ही छात्र मांग पूरी न होने पर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए गुरुवार को महामना का रूपधारण कर छात्रों ने बीएचयू सिंह द्वार से भिक्षाटन शुरू किया।
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इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए छात्र मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकानदारों, आमजन के पास पहुंचे और आंदोलन में सहयोग मांगा। शशिकांत मिश्र ने बताया कि महामना ने भिक्षा मांगकर ही इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।
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उन्हीं मूल्यों की रक्षा के लिए अब समय आ गया है जब छात्रों को भिक्षाटन कर लड़ाई लड़नी होगी। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. फिरोज खान का इंटरव्यू पांच नवंबर को हुआ था। जिसके बाद उन्हें नियुक्त किया गया। इधर छात्रों नें साहित्य विभाग में उनकी नियुक्ति का विरोध करना शुरू कर दिया और 7 नवंबर से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 16 दिन बाद यानी 22 नवंबर को छात्रों की मांगें मानी।
वहीं बीएचयू प्रशासन ने छात्रों को दस दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई की लिखित सहमति दी है।साथ ही छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मांगी गई तो वह कोर्ट के जरिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।