पांच घंटे तक दिया धरना, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग
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बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के विरोध में छात्रों ने गुरुवार को सेंट्रल आफिस में तालाबंदी कर धरना दिया। छात्रों को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने कुलपति से तत्काल चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग की। सुबह करीब 11 बजे से चला धरना शाम चार बजे कुलपति के आश्वासन पर समाप्त हुआ।
उधर, सुरक्षा गार्ड धर्मेंद्र सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों को दिए शपथ पत्र में चीफ प्रॉक्टर और लंका इंस्पेक्टर पर जबरन छात्रों के खिलाफ मुकदमा लिखवाने का आरोप लगाया है।
विश्वविद्यालय में पांच जुलाई को धर्मेंद्र सिंह द्वारा चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ शिकायत करने के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड को लेकर इन दिनों तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। धर्मेंद्र ने एसएसपी को दिए शपथ पत्र में चीफ प्रॉक्टर, लंका इंस्पेक्टर पर दो छात्रों के खिलाफ जबरन तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाने का आरोप लगाया है।
इसके बाद से ही एक जुलाई की घटना में बंद छात्र की रिहाई की मांग छात्र कर रहे हैं। गुरुवार को सुबह 11 बजे करीब पचास की संख्या में छात्र सेंट्रल आफिस पहुंचे और यहां तालाबंद कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की।
इधर, तालाबंद होने की वजह से कई लोग अंदर नहीं जा सके। इधर मौके पर पहुंचे एसीएम, सीओ भेलूपुर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र कुलपति से मिलने पर अड़े रहे।
शाम करीब चार बजे कुलपति ने कार्यालय में बुलाकर छात्रों से बातचीत की। बताया कि कुलपति ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसके बाद धरना समाप्त हुआ।