बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक से हुआ सत्रारंभ
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बीएचयू में नए सेमेस्टर के दाखिले से पहले ही सोमवार से 121वें सत्र की शुरुआत हो गई। कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। कार्यवाहक कुलपति सहित 50 से ज्यादा अधिकारी और प्रोफेसर आदि मौजूद रहे। यहां पर मानित निदेशक प्रो. विनय पांडेय और प्रो. सुभाष पांडेय के आचार्यत्व में मंत्रोच्चार भी हुआ। बीएचयू में रुद्राभिषेक से सत्रारंभ करने की परंपरा पुरानी रही है।
बीएचयू में सत्र तो शुरू हो गया है लेकिन अभी तक 2025-26 सत्र में यूजी और पीजी की काउंसिलिंग ही नहीं हुई है। ये काम अगस्त या सितंबर तक पूरा हो सकता है। वहीं सोमवार से बीएचयू में आधिकारिक तौर पर कक्षाएं शुरू हो गईं है लेकिन अभी कक्षाओं की सीटें काफी हद तक खाली ही हैं।
विज्ञान संस्थान की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की संख्या ठीक है, मगर कला, सामाजिक विज्ञान और वाणिज्य संकाय की काफी कक्षाओं में बच्चे ही नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रोफेसरों की ओर से बताया जा रहा है कि 20 जुलाई के बाद से ही कक्षाओं में छात्र और छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
सेमेस्टर परीक्षा के बाद ही छात्र घर या इंटर्नशिप करने निकले हैं। जुलाई के अंत तक कक्षाओं में ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। वहीं गर्मी के चलते बड़ी संख्या में छात्र और छात्रा विश्वनाथ मंदिर के मानित व्यवस्थापक प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय और सह व्यवस्थापक डॉ. सुभाष पांडेय के आचार्यत्व में पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रूद्राभिषेक संपन्न कराया।
रुद्राभिषेक और पूजन कार्यक्रम में कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार, छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा, मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो. शिव प्रकाश सिंह, कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. उदय प्रताप सिंह, प्रबंध शास्त्र संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष वाजपेयी, संकाय प्रमुख प्रो. सुजीत कुमार दुबे, कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल, संगीत एवं मंच कला संकाय प्रमुख प्रो. संगीता पंडित मौजूद रहे।