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बीएचयू में जब-जब बवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर हर बार उठे सवाल

Mon, 25 Sep 2017 04:21 PM IST
amarujala.com, written by रबीश श्रीवास्तव
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बीएचयू कैंपस में बवाल-दर-बवाल - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू कैंपस में बवाल-दर-बवाल को सुरक्षा तंत्र फेल होने का नतीजा माना जा रहा है। विश्वविद्यालय की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर हर साल 15 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। बावजूद इसके इस साल अब तक पांच बड़े बवाल हो चुके हैं।
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छेड़छाड़ के मुद्दे पर विश्वविद्यालय गेट पर 40 घंटे का धरना तो पहली बार हुआ है। इससे पहले 11 मई, 2015 को त्रिवेणी हॉस्टल की छात्राओं ने वीसी आवास का घेराव करते हुए रातभर धरना दिया था। उस समय भी छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को खतरा बताया था। 

अब तक कई बार छात्राओं की ओर से सुरक्षा के खतरे को देखते हुए छात्रावास के बाहर से लेकर प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त रोशनी, हॉस्टल में पूरी रात सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाने की मांग की जाती रही है लेकिन इन पर ध्यान नहीं देने से घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाया है।
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परिसर में छेड़खानी की घटनाएं लगभग हर महीने होती है लेकिन चीफ प्रॉक्टर के पास सब नहीं पहुंचती हैं। यही नहीं, जो छात्राएं लिखित शिकायत करती हैं, उनके मामलों में कार्रवाई देर से होती है। डेढ़ महीने में परिसर में रैगिंग की तीन घटनाएं हो चुकी हैं।

इनमें केवल एक मामले में कार्रवाई हुई है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में सोशल साइंस की एक छात्रा के साथ रैगिंग हुई थी, उसके पहले एक अन्य घटना और आठ सितंबर को कला संकाय में एक छात्रा के साथ रैगिंग हुई।

ये हैं बड़ी खामियां

बीएचयू में शनिवार रात जमकर हुआ था बवाल - फोटो : अमर उजाला
- मुख्य द्वार सहित कई जगहों पर सीसीटीवी नहीं 
- कई प्रमुख चौराहों, हॉस्टलों के पास रोशनी नहीं
- जरूरत के हिसाब से सुरक्षा गार्डों की कमी  
 
इस साल की बड़ी घटनाएं
02 फरवरी, 2017:  विश्वनाथ मंदिर के पास बीएससी कृषि छात्र की पिटाई के बाद परिसर में हंगामा। तोड़फोड़, चक्का जाम। 
18 फरवरी, 2017:  लंका सिंह द्वार पर छात्र और दुकानदारों के बीच मारपीट के  बाद बवाल। 
7-8 अप्रैल, 2017:  भारतेंदु और राजाराम हॉस्टल के जूनियर और सीनियर छात्रों में मारपीट। सात अप्रैल को हवाई फायरिंग, हॉस्टल में तोड़फोड़। आठ अप्रैल को फिर बवाल।  
08 सितंबर, 2017:  कला संकाय में छात्रा के साथ रैगिंग के बाद दो हास्टल के बीच बवाल। पत्थरबाजी, आगजनी।  
23 सितंबर, 2017:  सुरक्षा की मांग को लेकर धरनारत छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद पत्थरबाजी, आगजनी, लाठीचार्ज। 
 

विश्वविद्यालय का माहौल फिलहाल शांत है। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। नवीन महिला छात्रावास पर सुरक्षा बढ़ाने के बाद कुछ प्रमुख चौराहों, छात्रावासों में भी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी चल रही है। जल्द ही कुछ और सुरक्षा गार्ड विश्वविद्यालय में आ जाएंगे।
-प्रो. ओएन सिंह, चीफ प्रॉक्टर 
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महिला आयोग तक पहुंचा लाठीचार्ज का मामला

बीएचयू में दिनभर मची रही अफरा तफरी - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू कैंपस स्थित महिला महाविद्यालय गेट से घुसकर पीएसी द्वारा छात्राओं पर लाठीचार्ज करने की शिकायत महिला आयोग तक पहुंच गई है। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजे गए पत्र की कॉपी महिला और बाल विकास मंत्रालय को भी भेजी है।

इसमें छात्राओं ने बाइक पर सवाल तीन युवकों द्वारा एक प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ छेड़खानी की गई। और तो और सुरक्षा गार्डों ने नहीं सुनी। इसके अलावा हॉस्टल पहुंचने के बाद वार्डेन ने कोई कार्रवाई करने के बजाय लेट से आने पर नाराजगी जाहिर की। बताया कि पुलिस की ओर से लाठीचार्ज में कई छात्राएं घायल हो गई है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। 
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