बीएचयू में हुए बवाल के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड में बड़े पैमाने पर फेरबदल हुआ, सुरक्षाकर्मियों की वर्दी का खाकी रंग बदला गया मगर उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं आ रहा है। गुरुवार को एक बार फिर प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के चलते बीएचयू परिसर में स्थिति अनियंत्रित हुई।
महिला महाविद्यालय के समीप कुर्सी पर बैठने को लेकर लंका थाने के सिपाहियों से सुरक्षाकर्मी भिड़ गए। सूचना पाकर लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने उनकी भी नहीं सुनी तब उन्होंने चीफ प्राक्टर को मौके पर बुलाया। उसके बाद मामला शांत हुआ।
महिला महाविद्यालय के समीप छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिस भी तैनात की गई है। गुरुवार को महिला महाविद्यालय के गेट के समीप रखीं कुर्सियों पर सिपाही बैठे थे।
इसी दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी आए और सिपाहियों को तत्काल कुर्सी खाली करने के लिए कहा। इस पर सिपाहियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन तलब, चार घंटे पूछताछ
बीएचयू में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य
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बीएचयू में छेड़खानी, लाठीचार्ज और बवाल मामले की जांच के लिए पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने गुरुवार को एलडी गेस्ट हाउस में चार घंटे तक जनसुनवाई की।
छात्राओं का पक्ष जानने के बाद उन्होंने कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी समेत विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य अधिकारियों को तलब कर उनसे अलग-अलग पूछताछ की। छात्राओं और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अपना-अपना बयान दर्ज कराया। पूछताछ और बयान के बाद अध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचीं। महिला महाविद्यालय और छात्रावासों का भी मुआयना किया।
पुलिस की रिपोर्ट में लाठीचार्ज का जिक्र नहीं होने पर हैरानी जाहिर करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि कुलपति शुक्रवार तक यहां आकर बयान नहीं देते हैं तो उन्हें आयोग में तलब किया जाएगा।
शाम तीन बजे तक चली जनसुनवाई के बाद अध्यक्ष गेस्ट हाउस से निकलकर सबसे पहले भारत कला भवन चौराहा स्थित घटना स्थल पर पहुंचीं। वहां साथ मौजूद चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह से घटना से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली।
इसके बाद त्रिवेणी हॉस्टल, नवीन महिला छात्रावास और महिला महाविद्यालय पहुंचकर उन छात्राओं से बातचीत की, जो गेस्ट हाउस नहीं आ सकी थीं।