आईआईटी बीएचयू के आध्यात्मिक सरोवर को पूर्व धातुविज्ञानी का नाम मिला। प्रशासनिक भवन के बगल में स्थित सरोवार बीएचयू के आसपास स्थानीय लोगों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का केंद्र है। यहां छठ पूजा सहित कई धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। इसे अब अनंत सरोवर नाम से जाना जाएगा। रविवार को संस्थान के पूर्व निदेशक और प्रख्यात धातुविज्ञानी आचार्य टीआर अनंतरामन की याद में इस सरोवर का नामकरण किया गया।
आचार्य अनंतरामन ने 1981 से 1986 तक संस्थान के निदेशक के रूप में कार्य किया। इन्होंने 1962 से 1977 तक मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष का पद भी संभाला। इनके निदेशक कार्यकाल में इस सरोवर का जीर्णोद्धार कराया गया था। अधिष्ठाता (संकाय कार्य) प्रो. एनके मुखोपाध्याय ने बताया कि आचार्य अनंतरामन शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक थे। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीकांत लेले ने कहा कि संस्थान की पहचान उसकी परंपराओं और योगदान देने वाली विभूतियों के सम्मान से होती है। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने इसे संस्थान की विरासत और वैज्ञानिक परंपरा को संरक्षित करने का प्रयास बताया। समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।