प्राक्टोरियल बोर्ड पर निशाना, उपद्रवियों पर दिखाया गुस्सा
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बीएचयू में बुधवार दोपहर बाद करीब चार बजे से शुरू हुए बवाल की तस्वीर, खबर सोशल मीडिया पर भी खूब चलती रही। फेसबुक और वाटसएप पर ट्रेंड होते रहे हर अपडेट पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देते रहे। इसमें किसी ने घटना के लिए चीफ प्राक्टर समेत पूरे प्राक्टोरियल बोर्ड को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की तो कुछ लोगों ने चीफ प्राक्टर का इस्तीफा देने की मांग भी उठायी। उधर घटना को अंजाम देने वाले उपद्रवियों पर कार्रवाई की बात रखी।
बिड़ला छात्रावास के छात्र आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के बाद सिंह द्वार बंद करने के साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़, स्कूल बस में आग लगाने सहित अन्य घटनाओं की अलग-अलग तस्वीर फेसबुक, वाटसएप पर अपलोड होती रही।
वाटस ग्रुप बीएचयू बज पर शाम छह बजे तोड़फोड़, आगजनी की तस्वीर, खबर पड़ते ही एक-एक कर कमेंट आने लगे। इस पर घटना को विश्वविद्यालय की गरिमा के विपरीत बताते हुए ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा कमेंट में कुछ शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाया। एक कमेंट में इसे बीएचयू के लिए काला दिन भी बताया गया है। बीएचयू बज पर 9 बजे पड़े चीफ प्राक्टर रोयाना सिंह के बयान वाला पोस्ट जैसे ही पड़ा, कमेंट शुरू हो गया।
इस पर कमेंट के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने के साथ ही चीफ प्राक्टर से इस्तीफे की मांग भी की गई। बीएचयू डायरी वाटस ग्रुप पर पड़े पोस्ट पर भी चीफ प्राक्टर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कमेंट लिखे गए हैं
। उधर फेसबुक पर पड़े प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल की गाड़ी में तोड़फोड़ वाली तस्वीर जैसी ही पड़ी कमेंट आने लगे। इसमें लोगों ने प्राक्टोरियल बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया है।