सपा कार्यकर्ताओं ने लंका गेट पर किया प्रदर्शन
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छेड़खानी के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर शुक्रवार की आधी रात लाठीचार्ज के बाद उपद्रव से अशांत हुए बीएचयू परिसर में सोमवार को तीसरे दिन भी खूब हंगामा हुआ।
लाठीचार्ज और एक हजार से अधिक छात्रों पर मुकदमे के विरोध में शांति मार्च निकालने रहे छात्रों को पुलिस ने रोक लिया। इससे नाराज सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिरला छात्रावास के बाहर धरने पर बैठ गए।
विरोध की आवाजें परिसर के बाहर भी उठीं। यूपी कॉलेज, राजातालाब, हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज समेत कई अन्य जगहों पर कुलपति का पुतला फूंका गया।
इस बीच आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिशें भी शुरू हो गईं।
अभाविप के कार्यकर्ताओं ने जहां भारत कला भवन के पास चीफ प्रॉक्टर समेत प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यहां आए जांच दल के आठ सदस्यों समेत 109 सपाइयों को पुलिस ने लंका चौराहे पर गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सपाई धरने पर बैठ गए और हंगामा करने लगे।
बाद में इन्हें गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। नोकझोंक के बीच सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को भी बीएचयू जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हिरासत में लेकर शाम को छोड़ दिया।
मामले में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कुलसचिव को पत्र लिखकर छात्र-छात्राओं की मांगों पर कार्रवाई करने और एसएसपी ने सुरक्षा गार्डों की खाकी वर्दी पहनने पर आपत्ति जताते हुए इसे बदलने को कहा है।
पुलिस और छात्रों में जमकर नोकझोंक
बीएचयू लंका गेट पर तैनात हैं सुरक्षाकर्मी
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पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बिरला चौराहे से लंका गेट तक शांति मार्च निकाल रहे छात्रों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक लिया। बिरला छात्रावास चौराहे पर पुलिस और छात्रों में जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए।
छात्रों का कहना था कि शिक्षकों ने जब रविवार को जुलूस निकाला तब उनको नहीं रोका गया। लेकिन छात्रों के साथ लगातार ज्यादती की जा रही है। इस बीच प्राक्टोरियल बोर्ड के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने भारत कला भवन के समक्ष धरना शुरू कर दिया।
उधर कुलपति की बर्खास्तगी की मांग को लेकर कुछ छात्रों ने मालवीय प्रतिमा के समक्ष अलग अनशन आरंभ कर दिया। पहले तो पुलिस ने उन्हें समझाया, बाद में गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ा गया।
इस बीच महिला महाविद्यालय, त्रिवेणी, बिरला समेत अन्य छात्रावासों पर पुलिस नजर बनाए हुए है, जिससे कि दोबारा इस तरह की घटना न हो।